रेलवे की ओर से पुराने दर पर 78 दिनों का बोनस घोषित करने से रेलवे कर्मियों में नाराजगी है। इंडियन रेलवे इंप्लाइज फेडरेशन के आह्वान पर ईस्ट सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज यूनियन के रेलकर्मियों ने बुधवार को प्रदर्शन किया।
रेलकर्मियों ने रेलवे के प्लांट डिपो कारखाना, कैरेज एंड वैगन सिक लाइन, डीजल शेड और टीआरएस शेड के साथ चंदौली और कर्मनाशा स्टेशनों पर प्रदर्शन किया। इस दौरान यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष और आईआरईएफ के कार्यकारी अध्यक्ष संतोष कुमार पासवान ने कहा कि बोनस कर्मचारियों के खून पसीने की गाढ़ी कमाई है।
इसे सरकार देना नहीं चाहती है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू हुए 10 साल हो चुके हैं। बावजूद इसके आज भी बोनस छठे वेतन आयोग के अनुसार ही दिया जा रहा है।
कहा कि बोनस उत्पादकता आधारित होनी चाहिए। इस माैके पर एसके शर्मा, चंद्रिका यादव, मृत्युंजय कुमार, महेंद्र पाल, कमलेश मांझी, पवन कुमार, बृजेश कुमार माैजूद रहे।