मौनी अमावस्या पर्व पर मंगलवार को पश्चिम वाहिनी गंगा के बलुआ घाट पर
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। ठंड के बाद भी लोगों के गंगा नहाने का
उत्साह कम नहीं रहा।
इसके बाद विभिन्न मंदिरों में दर्शन पूजन का क्रम चला।
लोगों ने अपने सामर्थ्य के अनुसार भिक्षुओं को दान-दक्षिणा भी दी। इस
दौरान लगे मेले का भी लोगों ने लुत्फ उठाया। एक तरफ जहां महिलाओं ने घर
गृहस्थी के सामानों की जमकर खरीदारी की, तो बच्चों ने खिलौनों की खरीदारी
की और चरखी झूलों का जमकर आनंद उठाया।
मौनी अमावस्या पर पश्चिम वाहिनी
मां गंगा में स्नान-दान करने का काफी माहात्म्य बताया जाता है। इसे देखते
हुए स्नान पर्व की पूर्व संध्या पर ही आसपास के जनपदों के अलावा बिहार के
आस्थावान नर नारियों के विभिन्न वाहनों से गंगा तट पर आने का सिलसिला शुरू
हो गया था।
रात में श्रद्धालुओं के भजन-कीर्तन से संपूर्ण गंगा तट का
वातावरण भक्तिमय बना रहा। सुरक्षा की दृष्टि से मेले में पुलिस फोर्स की
तैनाती की गई थी। यहां तक कि गंगा में छोटी-छोटी नावों से बैरीकेटिंग करने
के साथ ही गोताखोरों को भी तैनात किया गया था। ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न
होने पाए।
तमाम सुरक्षा व्यवस्था के बाद भी पांच महिलाओं को चेन छिनैती के
आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। महिलाएं संदिग्ध हाल में
मेले में घूम रही थीं।