पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन एचआईवी संक्रमण का हॉट स्पॉट बन गया है। तीन महीने तक यहां चलाए गए जागरूकता और जांच अभियान में 10 एचआईवी संक्रमित मिले हैं। इनमें कुछ रेलकर्मी भी शामिल हैं। सभी संक्रमितों का एआरटी सेंटर में इलाज कराया जा रहा है।
हावड़ा-दिल्ली रूट के अति व्यस्त पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर रोजाना 30 हजार से ज्यादा लोग आते हैं। वहीं, स्टेशन परिसर के बाहर घुमंतू भी बड़ी संख्या में रहते हैं। उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी की देखरेख में टीआईयूपीएनपी प्लस जिले में एचआईवी संक्रमितों की पहचान के लिए अभियान चला रही है।
पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर संस्था की ओर से सितंबर से दिसंबर अभियान के दौरान एक हजार से ज्यादा लोगों जांच कराई गई तो 10 एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। ज्यादातर लावारिश हालत में स्टेशन के आसपास रहने वाले घुमंतू हैं। बड़ी बात है कि इनमें कुछ रेलकर्मी भी शामिल हैं। इसके बाद सभी संक्रमितों का एआरटी सेंटर में इलाज शुरू कराया गया।
इनसेट-
जिले में 82 एचआईवी पीड़ितों का चल रहा इलाज
पीडीडीयू नगर। जिले में इस समय 82 संक्रमितों का इलाज चल रहा है। वर्ष 2025-26 में 32 संक्रमित मिले हैं। 3528 महिलाओं ने जिला अस्पताल के एचआईवी परामर्श केंद्र पहुंचकर जांच कराई। इनमें तीन महिलाएं एचआईवी संक्रमित पाईं गईं। इसी अवधि में 5115 पुरुषों ने एचआईवी जांच कराई, जिनमें 29 संक्रमित पाए गए। वहीं वर्ष 2024-25 में 12,262 लोगों ने जांच कराई थी, जिनमें 68 पॉजिटिव पाए गए थे।
इनसेट-
जिले में 10 से ज्यादा हॉट स्पाॅट, तीन पीडीडीयू नगर में
जिले में उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने एचआईवी संक्रमण के लिहाज से 10 से ज्यादा स्थलों को हॉट स्पाट के रूप में चिह्नित किया है। इसमें सबसे ज्यादा पीडीडीयू नगर में तीन हैं। पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के साथ काली महाल, चंदासी मंडी, दुलहीपुर, पड़ाव चौराहा संवेदनशील है। इसी तरह सैयदराजा, नौबतपुर और चहनियां समेत 10 से ज्यादा संवेदनशील स्थल हैं।
इनसेट-
जागरूकता से होता है बचाव
एड्स पीड़ित व्यक्ति के शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने लगती है। समय रहते जांच और उपचार न मिलने पर खतरनाक स्थित बन सकती है। जागरूकता, सुरक्षित व्यवहार से एचआईवी संक्रमण से बचा जा सकता है। असुरक्षित यौन संबंध, असुरक्षित रक्त चढ़ाने और मां से बच्चे में संक्रमण का खतरा होता है।
कोट-
पीडीडीयू जंक्शन पर सितंबर से दिसंबर तक जांच और जागरूकता अभियान चलाया गया था। इस दौरान जांच में 10 लोग संक्रमित पाए गए। इनमें कुछ रेल कर्मचारी भी शामिल हैं। सभी पीड़ितों का एआरटी सेंटर में इलाज कराया जा रहा है। - राकेश सिंह, परियोजना निदेशक, टीआईयूपीएनपी प्लस
कोट-
पं. कमलापति त्रिपाठी जिला संयुक्त अस्पताल पीडीडीयू नगर, राजकीय महिला अस्पताल पीडीडीयू नगर सहित विभिन्न अस्पतालों के एआरटी सेंटर में मरीजों की मुफ्त जांच और इलाज की सुविधा है। सही समय पर संक्रमण की पहचान और इलाज से संक्रमित व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जीता है। - डॉ. राजेश कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी