किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को विकास भवन के समीप धरना दिया।
केंद्र
और प्रदेश सरकार को किसानों और गरीबों का विरोधी बताते हुए अपनी भड़ास
निकाली। कहा कि दोनों सरकारों ने गरीबाें, मजदूरों और नजवानों को छलने का
काम किया है। अंत में कलेक्ट्रेट पहुंच कर राष्ट्रपति के नाम संबोधित 14
सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
इस अवसर पर शुकदेव मिश्रा ने कहा
कि केंद्र सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण कानून में जो संशोधन किया गया है
उसमें किसानों की अनदेखी की गई है। केंद्र सरकार ही नहीं प्रदेश सरकार भी
किसानों की उपेक्षा कर रही है। प्राकृतिक आपदा में बर्बाद हुई फसलों का
उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।
समाज को खोखला करने वाले पूंजीपति दिन
प्रति दिन अमीर होते जा रहे हैं लेकिन लोगों को दो जून की रोटी उपलब्ध
कराने वाला किसान गरीबी और तंगहाली के चलते आत्महत्या करने पर आमादा है।
कहा कि बड़े-बड़े पूंजीपति पूर्व में अधिग्रहित की गई भूमि को हड़प लिया
है।
उस पर कोई आज तक विकास का कार्य नहीं हुआ है। प्रदेश सरकार संमाजवादी
पेंशन और रानी लक्ष्मी बाई योजना में भारी धाधली कराई है। ऐसी सरकारों से
जनता को अब सर्तक रहना होगा। इस अवसर पर शिवमूरत राम, कृष्णावती, शीला,
मीरा, कमलावती, रीमा देवी, प्रेमशंकर आदि उपस्थित रहे। संचालन नंदू राम ने
किया।