जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के बाहर शिक्षणेतर कर्मचारियों ने बुधवार को 9 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
इस
दौरान नारेबाजी करते हुए प्रदेश सरकार पर उपेक्षात्मक रवैया अपनाये जाने
का आरोप लगाया। अंत में डीआईओएस डा. मालती राय को मांग पत्र सौंपा गया।
इस
अवसर पर वक्ताओं ने मांग किया कि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को शिक्षक पद पर
पदोन्नति का प्रवधान बनाया जाय, राज्य कर्मियों की भांति शिक्षणेत्तर
कर्मियों को अवकाश नगदीकरण व न्यूनतम पेंशन में सामानता की जाय। वित्तविहीन
हस्तपुस्तिका के नियम 44 बी का लाभ पदोन्नति में शिक्षणेत्तर कर्मियों को
पूर्व की भांति प्रदान किया जाय।
राज्य कर्मियों की भांति शिक्षणेत्तर
कर्मियों को चिकित्सकीय सुविधा दी जाय, चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों की
नियुक्ति में आउट सोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर नियमित नियुक्ति की व्यवस्था
बहाल की जाय। वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों
की सेवा नियमावली बनाई जाय।
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर
कर्मचारियों की भांति अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर
कर्मचारियों को पूर्ण वेतन समानता न्यूनतम पेंशन सहित प्रदान किया जाय।
कहा
कि सरकार ने नौकरशाहों द्वारा राजाज्ञा निकालते समय राजकीयकर्मचारियों के
लिए राजाज्ञा निकाली जाती है, जिसमें शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को छोड दिया
जाता है।
उन्होंने कहा कि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो हम सभी
विधानसभा पर अनिश्चितकालीन धरना व भूखहड़़ताल किया जायेगा। इस अवसर पर
विभूतिनारायण सिंह, दीपक सिंह, रामवृक्ष, मुरारी, राजेश, महेंद्र सहित अन्य
कर्मचारी उपस्थित रहे। अध्यक्षता शशि प्रकाश सिंह और संचालन सतीश सिंह ने
किया।