पुलिस भर्ती परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों ने शुक्रवार
को नगर में जुलूस निकाला। शासन के खिलाफ भड़ास निकालते हुए 30 मार्च को
मुख्यालय पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।
अभ्यर्थियों का
कहना है कि यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में व्यापक पैमाने पर धांधली की गई
है। यही नहीं परीक्षा के बाद जो मेरिट जारी की गई है उसमें भी मनमानी की गई
है।
प्रदेश सरकार युवाओं की हितैषी होने का दावा करती है लेकिन वास्तव में
स्थिति इसके उलट है। शासन की शह पर प्रशासनिक अधिकारी भी मनमाने तरीके से
कार्य कर रहे हैं।
इसी का नतीजा है कि पुलिस भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता
का ध्यान नहीं रखा गया है। अभ्यर्थियाें ने पूरे नगर का भ्रमण करते हुए
शासन के खिलाफ नारेबाजी की। अंत में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच डीएम को
ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर दिग्विजय सिंह, दिलीप मौर्य, कौशल, संतोष,
जयप्रकाश आदि उपस्थित रहे।
वहीं दूसरी तरफ अभ्यर्थियों ने महेंद्र जायसवाल
के नेतृत्व में मुगलसराय स्थित एक रेस्टोरेंट में बैठक कर पुलिस भर्ती
परीक्षा में धांधली का आरोप लगाया। युवाओं ने परीक्षा की सीबीआई जांच कराने
की भी मांग की। इस अवसर पर कुलदीप राय, अभय वर्मा, सुमित, राजेश, कमलेश
आदि उपस्थित रहे।
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अभ्यर्थियों का हुआ शारीरिक परीक्षण
चंदौली।
मंडी समिति परिसर में शुक्रवार को यूपी पुलिस कांस्टेबल पद के लिए लिखित
परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की शारीरिक परीक्षा के साथ ही चिकित्सकीय
परीक्षण भी किया गया।
13 अप्रैल तक चलने वाले इस कार्यक्रम के तहत पहले दिन
कुल 60 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। सर्वर डाउन होने के कारण मात्र
पंद्रह अभ्यर्थियों की ही परीक्षा संपन्न कराई जा सकी।
इस दौरान सात
सदस्यीय टीम ने अभ्यर्थियों के अभिलेखों की भी जांच की। वहीं चार सदस्यीय
मेडिकल टीम ने बारी-बारी से अभ्यर्थियों का चित्सिकीय परीक्षण किया। पुलिस
अधीक्षक मुनिराज जी और सदर एसडीएम गिरीश कुमार की देखरेख में पूरे दिन यह
कार्यक्रम चलता रहा। सुबह ही अभ्यर्थी अपने-अपने बुलावा पत्रों और प्रमाण
पत्रों संग मंडी परिसर में पहुंच गए थे।