सकलडीहा। शासन की ओर से तहसीलों में ई स्टांपिंग व्यवस्था शुरू करा दी गई है। ऐसे में कोषागार से स्टांप का क्रय विक्रय बंद हो गया है। पिछले चार माह से स्टांप नहीं मिलने पर वेंडरों ने शुक्रवार को तहसील मुख्यायल पर धरना-प्रदर्शन किया और ई स्टांपिंग व्यवस्था बंद कराने की मांग की गई। अंत में एसडीएम को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। चेताया कि मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन किया जाएगा। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव देवेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना ने आरोप लगाया कि सरकार ने गरीबों के साथ तहसीलों में स्टांप बेचकर परिवार चलाने वालों को बेरोजगार बना दिया है। स्टांप वेंडर संघ के अध्यक्ष भोला राजभर ने कहा कि ई स्टपिंग से पूंजीपतियों को लाभ दिया जा रहा है। दस, बीस, पचास, सौ और एक हजार से लेकर पांच हजार के स्टांप के लिए लोग प्रतिदिन परेशान हो रहे है। स्टांप वेंडरों ने स्टांप लाइसेंस का नवीनीकरण पांच साल का कराने और सुरक्षा की दृष्टि से शस्त्र लाइसेंस व कमीशन क्षमता बढ़ाने की मांग की गई। धरना प्रदर्शन करने वालों में अंबिका कुशवाहा, संजय श्रीवास्तव, उमाकांत पांडेय, पवनलाल, पप्पू यादव, धीरेंद्र सिंह, चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, गुरूदयाल मिश्रा, पवन मिश्रा, आशीष श्रीवास्तव, रमेश श्रीवास्तव, रसीद, कन्हैया, संतोष, श्रीप्रकाश, मनोज सिंह, दयाराम यादव आदि मौजूद थे। उधर, बार एसोसिएशन सकलडीहा के अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने स्टांप वेंडरों के धरना प्रदर्शन का समर्थन किया। चेताया कि सरकार स्टांप वेंडरों की समस्या का समाधान नहीं किया तो अधिवक्ता भी इनके समर्थन में आंदोलन के लिए सड़क पर उतरेंगे।