विकास खंड क्षेत्र के निराश्रित गो वंश को पशु आश्रय स्थल भेजने के लिए ग्रामीणों को खंड विकास अधिकारी को पत्र लिखकर देना होगा। उस शिकायती पत्र की जांच के बाद के ग्राम पंचायत अधिकारी की पहल पर नगर पालिका की टीम विभागीय वाहन से छुट्टा पशुओं को आश्रय स्थल ले जाएगी। यह कहना है खंड विकास अधिकारी रूबेन शर्मा का। यही कारण है कि अमोघपुर से लेकर पाण्डेयपुर तक सड़क पर पशु घूमते देखे जा सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है कि निराश्रित गो वंश सड़क पर नहीं घूमने चाहिए उन्हें हर हाल में पशु आश्रय स्थल पर पहुंचाया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए खंड विकास अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी से मौखिक शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकता है। इसके लिए लिखित शिकायत दर्ज कराई जाने के बाद इस पर अगली कार्रवाई शुरू की जायेगी। यह कैसी व्यवस्था की गई है। खंड विकास अधिकारी रूबेन शर्मा ने बताया कि जो पशु सड़क पर घूम रहे हैं। उन गांव के ग्रामीणों की लिखित शिकायत पर ग्राम पंचायत अधिकारी से जांच कराने के बाद ही उन्हें पशु आश्रय स्थल भेजा जाएगा।