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Chandauli News: दोहरे हत्याकांड के पीछे संपत्ति विवाद का शक, दोनों युवकों की हुई शिनाख्त

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सिद्धार्थ सिंह और सागर त्रिपाठी (चश्मा लगाए)फाइलफोटो
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धीना। स्थानीय थाना क्षेत्र के डेढ़गांवा गांव में एक दिन पहले बोरे में भरे मिले दोनों युवकों के शवों की शिनाख्त शुक्रवार को हो गई। एक शव सिद्धार्थ सिंह (34) पुत्र राजेंद्र कुमार सिंह, निवासी बरहपुर, नंदगंज, गाजीपुर और दूसरा सागर त्रिपाठी (36) पुत्र वीरेंद्र, निवासी यशोदा नगर, नौबस्ता, कानपुर का था। दोनों गहरे दोस्त थे और तीन दिन पहले कानपुर से वाराणसी घूमने की बात कहकर निकले थे। हत्याकांड के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी के साथ धीना और धानापुर थानों की तीन टीमें गठित की गई हैं। पुलिस हत्याकांड के पीछे पैतृक संपत्ति के विवाद को मुख्य वजह मानने के साथ अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है।
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बृहस्पतिवार की सुबह डेढ़गांवा गांव में दो किलोमीटर के दायरे में नहर और नाले में बोरे में भरकर फेंके गए दो युवकों के शव बरामद हुए थे। एक युवक के सीने और दूसरे की कनपटी पर गोली मारकर हत्या की गई थी। दोनों के गले पर धारदार हथियार से रेतने के निशान भी थे। पुलिस ने दोनों शवों की तस्वीरें आसपास के जिलों में भेजी थीं। इसी आधार पर शुक्रवार को गाजीपुर के नंदगंज थाना क्षेत्र के बरहपुर गांव के लोग धीना थाने पहुंचे और दोनों की शिनाख्त की।
थानाध्यक्ष त्रिवेणी लाल सेन ने बताया कि मृतक सिद्धार्थ सिंह अपने पिता के इकलौते पुत्र थे। उनके पिता की मृत्यु हो चुकी है। वह अपनी मां के साथ कानपुर में रहते थे। गांव में उनकी पैतृक संपत्ति है। सिद्धार्थ के चाचा की बेटी की शादी धानापुर थाना क्षेत्र के मेढ़वा गांव में हुई थी। पैतृक संपत्ति को लेकर सिद्धार्थ का अपने चाचा के साथ विवाद चल रहा था। ऐसे में दोहरे हत्याकांड के पीछे संपत्ति विवाद को भी ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। परिजनों के मुताबिक, सिद्धार्थ और सागर तीन दिन पहले कानपुर से वाराणसी घूमने के लिए निकले थे। वाराणसी पहुंचने के बाद सिद्धार्थ मेढ़वा भी गया था। इसके बाद किसने और कहां दोनों की हत्या की और उनके शव डेढ़गांवा कैसे पहुंचे, इसकी जांच की जा रही है।
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कोट-
दोहरे हत्याकांड में मृतकों की शिनाख्त हो गई है। मामले की जांच और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी के साथ तीन टीमें गठित की गई हैं। संपत्ति विवाद के साथ ही अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है। जल्द ही खुलासा किया जाएगा। - कृष्ण मुरारी शर्मा, सीओ सकलडीहा
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