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Chandauli News: रामनगर औद्योगिक क्षेत्र में 30 प्रतिशत उत्पादन घटा, 15 दिन में बंद हो जाएंगी 150 से ज्यादा फैक्टरियां

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रामनगर औद्योगिक क्षेत्र ​स्थित किचन में इंडक्शन चूल्हा पर चाय बनाती महिला। स्रोत:-जागरूक पाठक
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300 से ज्यादा काराखाने और उत्पादन इकाईयां हैं
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15000 से ज्यादा मजदूर करते हैं काम
300 करोड़ रुपये का महीने में होता है कारोबार
सिलिंडर का संकट : गैस न मिलने से मेस और कैंटिन बंद, प्लास्टिक, पेट्रोलियम के दाम बढ़े और नमकीन उद्योगों का उत्पादन प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
पीडीडीयू नगर, चंदौली। रामनगर औद्योगिक क्षेत्र एलपीजी का संकट गहरा गया है। गैस की आपूर्ति बाधित होने से कारखानों में उत्पादन 30 फीसदी तक घट गया है। कई कारखानों में मजदूरों के लिए चलने वाली मेस और कैंटिन बंद होने लगे हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस सिलिंडरों की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो 15 दिनों में 150 से अधिक फैक्टरियां बंद हो जाएंगी।
रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन से मिली जानकारी के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र में गैस की भारी किल्लत है। कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए चलने वाली मेस बंद हैं, मजदूरों के सामने भोजन की समस्या खड़ी हो गई है। कई इकाइयों में मजदूरों की संख्या घटने लगी है और छंटनी की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। उद्योगपतियों का कहना है कि एलपीजी न मिलने से उत्पादन लागत तेजी से बढ़ गई है। खासकर प्लास्टिक, पेट्रोलियम उत्पाद और नमकीन जैसे खाद्य पदार्थ बनाने वाली इकाइयों पर सबसे अधिक असर पड़ा है। गैस के अभाव में उत्पादन प्रक्रिया बाधित हो रही है। कई इकाइयों को आंशिक रूप से काम बंद करना पड़ा है। उद्योगपतियों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस की नियमित आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो रामनगर औद्योगिक क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ सकती हैं। हजारों मजदूर बेरोजगार हो सकते हैं।
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गेल के 80% गैस उपयोग नियम से उद्यमी परेशान, उत्पादन घटा, लागत बढ़ा
रामनगर औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी गैस आपूर्ति और नियमों के कारण दोहरी मार से जूझ रहे हैं। उद्यमियों का कहना है कि गैस आपूर्ति प्रभावित होने से उत्पादन कम हो गया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मजदूरों को 100 प्रतिशत वेतन देना पड़ रहा है। वहीं गैस उपयोग से जुड़े नियमों का पालन न करने पर भारी पेनाल्टी का भी डर बना हुआ है। गेल गैस के अधिकारियों ने निर्देश दिया है कि उद्योगों को महीने में जितनी गैस का उपयोग होता है, उसका कम से कम 80 प्रतिशत इस्तेमाल करना अनिवार्य है। यदि निर्धारित मात्रा में गैस का उपयोग नहीं किया तो संबंधित इकाई पर भारी पेनाल्टी लगाई जाती है। मौजूदा समय में गैस संकट के कारण कई फैक्ट्रियों में उत्पादन कम हो गया है। कई इकाइयों में काम आंशिक रूप से ही चल पा रहा है।


प्रतिक्रिया
रामनगर औद्योगिक क्षेत्र की स्थिति बेहद खराब है। मेस बंद होने से मजदूरों के लिए खाना तक नहीं बन पा रहा है। वजह से मजदूरी की संख्या में भी कटौती की जा रही है, यदि यही हाल रहा तो 15 दिन में 150 से ज्यादा कारखाने बंद हो जाएंगे।देव भट्टाचार्य, अध्यक्ष, रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन
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किचन कैंटिन बंद है और उत्पादन 30 प्रतिशत तक कम हो गया है। महंगाई भी बढ़ गई है, जिससे उद्योग चलाना मुश्किल होता जा रहा है।-अशोक सुल्तानिया, उद्यमी
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गैस न मिलने से कैंटिन का काम थोड़ा-बहुत लकड़ी के सहारे चलाना पड़ रहा है। सूखी लकड़ियां भी आसानी से नहीं मिल रही हैं, इससे स्थिति और खराब हो रही है।अजय राय, सचिव, रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन

गेल गैस के अधिकारियों ने बताया कि महीने में जितनी गैस का उपयोग होता है, उसका 80 प्रतिशत इस्तेमाल करना होगा, नहीं तो भारी पेनाल्टी लगेगी। उत्पादन कम होने से लागत कर्मचारियों के वेतन पर अधिक खर्च करना पड़ रहा है। -शोएब अहमद, उद्यमी

इनसेट
डिजिटल सिस्टम के फेर में फंसी उज्ज्वला, ओटीपी के लिए भटक रहे उपभोक्ता

टांडाकला। जमीन स्तर पर गैस उपभोक्ताओं को तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इंडेन गैस के उपभोक्ताओं को इन दिनों बुकिंग और ओटीपी से जुड़ी परेशानियों के कारण सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस बुकिंग के लिए दिए नंबर पर फोन या तो लगता नहीं है या फिर घंटी जाने के बावजूद बुकिंग का कंफर्मेशन मैसेज और ओटीपी नहीं आता। बिना ओटीपी के गैस एजेंसी सिलिंडर देने से मना कर देती हैं। इस कारण कई लोग खाली सिलिंडर लेकर एजेंसी से वापस लौटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सर्वर अक्सर डाउन रहता है, बुकिंग प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। कुछ लोगों का कहना है कि देर रात फोन लगाने पर कभी-कभी बुकिंग हो जाती है, लेकिन अधिकांश लोगों के लिए यह समस्या बनी हुई है।

उपभोक्ताओं की पीड़ा

मैं 9 मार्च से लगातार गैस बुकिंग की कोशिश कर रहा हूं। कई बार फोन लगता है, लेकिन मैसेज नहीं आता। कभी-कभी फोन लगता ही नहीं है। बुकिंग न होने के कारण खाली सिलेंडर लेकर वापस लौटना पड़ता है।
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-राजधनी पांडेय, टांडाकला

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गैस एजेंसी का कहना है कि जब तक मोबाइल से बुकिंग होकर ओटीपी नहीं आएगी, तब तक गैस सिलिंडर की आपूर्ति नहीं होगी। अब हम फोन लगाते रहें या घर का काम करें?
-ऋषभ, उपभोक्ता

रामनगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित किचन में इंडक्शन चूल्हा पर चाय बनाती महिला। स्रोत:-जागरूक पाठक

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