पैगंबर ए इस्लाम मुहम्मद सल्ललाहो की यौमे पैदाइश का जश्न गुरुवार को नगर सहित पूरे जनपद में जश्न के रूप में मनाया गया।
मुस्लिम
इलाकों में साफ सफाई के बाद विद्युत झालरों से सजावट की गई। सुबह विभिन्न
अंजुमन कमेटी ने जुलूस निकाला। ढोल नगाड़ा तासों के साथ जुलूस निकाला।
इलाके का भ्रमण करते हुए सरकार की आमद मरहबा आदि के नारे लगाए। नगर भ्रमण
के बाद जुलूस समाप्त हुआ।
रात में विभिन्न स्थानों पर जलसे का आयोजन किया
गया। इसमें देश के नामी गिरामी मौलानाओं ने तकरीर पेश की।
मुगलसराय में
कसाब महाल स्थित मीनारा मस्जिद और आसपास के इलाके में वाराबफात की
तैयारियां एक सप्ताह पूर्व से ही शुरू हो गई थी।
तीन दिन पहले मीनारा
मस्जिद को विद्युत झालरों से सजाया गया। यही नहीं सड़क के दोनों तरफ तीन सौ
मीटर तक विद्युत झालरों की लड़ी सजायी गई। बुधवार को पूरे इलाके को कागज
की झंडियों से सजा दिया गया तथा जगह जगह पताका लगा दिए गए।
गुुरुवार की
सुबह लोग मस्जिद के समीप एकत्र हुए और ढोल नगाड़ा, ताशा के साथ नारेबाजी
करते हुए जुलूस निकाला। इसी तरह मुस्लिम महाल स्थित मस्जिद से भी सुबह नौ
बजे जुलूस निकाला गया।
दोनों जुलूस शाहकुटी में मिलगया और यहां से एक साथ
जुलूस चलकर नई सट्टी होते हुए जीटी रोड, धर्मशाला रोड होते हुए कसाब महाल
पहुंच कर समाप्त हुआ।
जुलूस में सबसे आगे पताका लेकर चल रहे थे। उसके पीछे
पूरा जनसमुदाय चला। इस दौरान सड़कों पर चूने का छिड़काव किया गया था और
सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। रात में मुस्लिम महाल में जलसे का आयोजन किया
गया। इसमें तकरीर सुनने के लिए नगर के लोग पूरी रात जुटे रहे।
सैयदराजा
संवाददाता के अनुसार नगर सहित पूरे इलाके में ईद मिलादुन्नबी का पर्व
परंपरागत तरीके से मनाया गया। अपराह्न तीन बजे कस्बे के लोहिया नगर से
जुलूस के मुहम्मदी निकाली गई। दो घोड़े और चार ऊंट, ढोल, ताशों के साथ
निकला जुलूस बाजार भ्रमण कतरे हुए जीटी रोड मुख्य चौराहे तक जाकर वापस
लौटा।
इस दौरान नगर पंचायत चेयरमेन इम्तियाज खां पप्पू, महताब खां, आसिफ
सिद्दीकी, गुलाम गौस, नथुनी राइन, मसिउल्लाह राहइन, जावेद अंसारी, लियाकत
अली, शेरू, सरफराज, शिवलोक आदि रहे।
पड़ाव संवाददाता के अनुसार इलाके में
ईद मिलादुन्नबी का जश्न परंपरागत तरीके से मनाया गया। क्षेत्र के
जलीलपुर,मढ़िया, बहादुरपुर, चौरहट, सूजाबाद, सेमरा सहित आस पास के गांवों
से जुलूस निकाला गया।
जुलूस कटेसर तक पहुंचा और यहां समाप्त हुआ। जुलूस में
मुस्लिम समुदाय के सैकड़ो लोग शामिल रहे। जुलूस के कारण स्थानीय चौराहे पर
जाम की स्थिति रही।
चकिया संवाददाता के अनुसार ईद मिलादुन्नवी का
जुलूस गुरुवार की सुबह पूरे शान ओ शौकत के साथ स्थानीय नगर में मस्जिद के
पास से निकला। जुलूस अपने कदीमी रास्तों से गुजरते हुए महाराजा किला तक
पहुंच कर वापस लौटा। जुलूस में हाजी जैनुल आबदीन, हाजी अकबाल अहमद, हाजी
नियाज खां, हाजी एकरामुल हक, हाजी अहमद खां, सदर मुश्ताक अहमद, सभासद
अब्दुल रईस खां गोलू, मुख्तार अहमद ,कमरूदीन आदि उपस्थित रहे।
शिकारगंज
संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के कल्यानीचक मस्जिद से गुरुवार को ईद
मिलादुनवी का जुलूस सुबह शान ओ शौकत के साथ निकाला गया।
जुलूस कल्यानीचक
मस्जिद से शिकारगंज कस्बा बिसौरा पोखरे से होते हुए पुन: कल्यानीचक मस्जिद
आ कर वापस समापन हो गया। इस दौरान हिसामुदीन, राजू शाह, फारून शाह,
अलगु शाह, मुस्तफा आदि रहे। जुलूस के चौकी प्रभारी अरविंद
चौहान सक्रिय थे ।