रमजान के आखिरी जुमे को अलविदा की नमाज पढ़ने के लिए जिले की विभिन्न
मसजिदों में भारी भीड़ उमड़ी। कई जगहों पर जगह की कमी से मसजिद के बाहर भी
लोगों ने पूरी अकीदत के साथ नमाज पढ़ी।
नमाज अदा करने के बाद
लोगों ने एक दूसरे के गले मिल कर ईद की बधाईयां दी। शनिवार को ईद होने की
वजह से अलविदा की नमाज का उत्साह दोगुना दिखा। अलविदा की नमाज के साथ ही ईद
की तैयारियों में लोग जुट गए।
शुक्रवार को नगर के जामा मस्जिद, मिनारा
मस्जिद, अलीनगर जामा मस्जिद, इस्लामपुर मस्जिद पर दोपहर एक बजे नमाज अदा
की गई। जामा मस्जिद पर नमाज के लिए एक घंटा पहले ही एक तरफ का रास्ता रोक
दिया गया था। यहां पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी।
यहां इमाम
मौलाना जाहिद ने नमाज पढ़वायी। इसी तरह अलीनगर में मुहम्मद शम्स आलम
अब्बासी, इस्लामपुर में गुलाम रसूल काजी ने नमाज पढ़वायी। नमाज अदा करने
बाद नमाजियों ने एक दूसरे के गले मिल कर ईद की बधाइयां दी। अलविदा की नमाज
के लिए बच्चों में विशेष उत्साह दिखा।
इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के
पर्याप्त इंतजाम रहे। गणमान्य लोगों ने नमाज के बाद मुस्लिम भाइयों को ईद
की बधाई दी। धीना संवाददाता के अनुसार इमिलिया, डैना, रैथा, डेढ़गांवा,
नूरी, सिलौटा, बघरी, हिनौता, इनायतपुर और कमालपुर में अलविदा की नमाज अदा
की गई। कमालपुर में जामा मस्जिद में एसडीएम सकलडीहा, सीओ सकलडीहा, एसओ
राजकुमारि सिंह, चौकी प्रभारी आरटी यादव आदि रहे। सैयदराजा संवाददाता के
अनुसार कस्बे में विभिन्न मस्जिदों में अलविदा की नमाज अकीदत के साथ अदा की
गई।
जीटी रोड स्थित जामा मस्जिद में मौलाना असै आजम की देख रेख में
नमाज अदा हुई। इस मौके पर नगर पंचायत चेयरमैन इम्तियाज खां पप्पू, महताब
खां, नसीम अंसारी, गुलाम गौस सिद्दीकी आदि उपस्थित रहे। धानापुर कस्बा में
पूरी अकीदत के साथ अलविदा की नमाज अदा की गई।
स्थानीय जामा जामा मस्जिद
के ईमाम मौलाना शकील अहमद मदनी ने अपने तकरीर के दौरान कहा कि रमजान
महीना अब हमसे विदा हो रहा है। यह रहमतों, बरकतों एवं सब्र का महीना है।
ईद की नमाज इसी महीने के शुकराने में पढ़ा जाता हैं।
ईद के दिन नहाना पाक
साफ होना, नये कपड़ा पहनना, मिस्वाक करना और अल्लाह की बड़ाई में तकबीर
पढ़ते हुए ईदगाह जाना सुन्न्त है। कहा कि अल्लाह इस दिन अपने सभी बंदो
को एक और नेक देखना चाहता है।
अल्लाह का हुक्म है कि अपने सभी गिलवे
शिकवे खत्म करके सभी लोग एक होकर ईद की नमाज पढ़ें और खुशी खुशी घर आये।
साथ ही नमाज से पहले फितरे व जकातकी रकम गरीबों में दे दें। इससे सभी
लोगों के लिए ईद की खुशी बराबर हो। नमाज के बाद देश में आपसी भाई चारे
एवं अमन चैन के लिए दुआ मांगी गई। अंत में सभी ने गले मिलकर ईद की बधाई द
ी।