ताराजीवनपुर के डेरवाकला में एससडीओ का घेराव करते ग्रामीण। संवाद
ताराजीवनपुर। महरौड़ा और डेरवा कला के पास चार दिन पहले बिजली के चार खंभे गिर गए थे। तब से गांवों में बिजली आपूर्ति ठप है। इससे नाराज ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को देर शाम चहनिया उपकेंद्र पर पहुंच कर हंगामा किया। ग्रामीणों की समस्या सुनकर एसडीओ पहुंचे और गांव की बिजली भूपौली उपकेंद्र से जोड़ दी गई लेकिन कुछ देर बाद फिर से दो खंभे गिर गए। इस पर ग्रामीणों ने एसडीओ का घेराव कर दिया। अधिकारियों ने जल्द आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया, तब ग्रामीण शांत हुए।
बिजली निगम अधिकारियों ने बताया कि मिट्टी खनन के कारण चार दिन पहले बारिश के दौरान चार खंभे गिर गए थे। तब से महडौरा और डेरवा कला गांव में बिजली आपूर्ति पूरी ठप है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। इससे नाराज डेरवा कला गांव के लोगों ने चहनिया उपकेंद्र पर जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग की।
हंगामे की सूचना पाकर जेई और एसडीओ मौके पर पहुंचे। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत भुपौली उपकेंद्र से डेरवा कला गांव की आपूर्ति शुरू की गई। इसके कुछ घंटे बाद ही दो और खंभे गिर गए, जिससे फिर से आपूर्ति बंद हो गई। इसके बाद ग्रामीणों ने एसडीओ सियाराम यादव का घेराव कर दिया। एसडीओ ने आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी। एसडीओ सियाराम यादव ने बताया कि खंभे के पास ईंट भट्ठे के लिए करीब 6 फुट गहरी खोदाई कर मिट्टी निकाल ली गई है।
इससे जमीन खोखली हो गई। पानी भरने के कारण खंभे गिर गए। किसी तरह खंभे लगाकर आपूर्ति चालू की गई, लेकिन फिर से खंभे गिर गए। बताया कि भुपौली पावर हाउस से बिजली आपूर्ति का प्रयास किया जा रहा है। घेराव करने वालों में दयाराम मौर्य, अनिल गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, सोनू यादव, पिंटू यादव, गोलू यादव, विनोद राम, भुक्खन सिंह, विकास गुप्ता, सन्नी सिंह, पंकज सिंह, धर्मेंद्र यादव, संतोष राम आदि रहे।