पीडीडीयू नगर । हड़बड़ी में गड़बड़ी के कई किस्से सुने होंगे। इस बार पुलिस ने मृतक को नोटिस भेज कर बयान के लिए बुलाया है। मामले सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल सीओ सदर ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी की पत्नी की शिकायत पर अन्य लोगों समेत मृतक विशाल पासवान को भी कार्यालय में उपस्थित होकर बयान देने को कहा है।
अलीनगर थाना क्षेत्र के सिकटिया चौराहे पर पुराने विवाद को लेकर एक पक्ष द्वारा विशाल पासवान की निर्मम हत्या कर दी थी। घटना के बाद मौके पर पहुंची विधायक साधना सिंह ने सीओ सदर व अलीनगर पुलिस की कार्य प्रणाली सवाल खड़े किये थे। पीड़ित पक्ष से मिली तहरीर के आधार पर पुलिस ने कमला यादव समेत दस नामजद व अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें से पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हत्या के मुख्य आरोपी कमला की पत्नी सरस्वती देवी ने दूसरे पक्ष पर घटना के पहले गुमटी जलाये जाने के बाबत 22 नवंबर को पुलिस को शिकायती पत्र दिया था। इस मामले में सीओ सदर ने मृतक विशाल पासवान समेत 13 लोगों को नोटिस भेजकर दो दिनों के भीतर बयान देने को कहा है। नोटिस में मृतक का नाम भी शामिल किये जाने को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे है। इस संबंध में सीओ सदर अनिल कुमार राय ने बताया कि कमला यादव की गुमटी जलाये जाने के बाबत उनकी पत्नी सरस्वती देवी की ओर से दी गयी शिकायती पत्र में विशाल पासवान का नाम लिखा था। लिपिकीय गलती के कारण नोटिस में उसका नाम दर्ज हो गया है।