चकिया संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती घायल पशु तस्करी का आरोपी। स्रोत:-जागरूक पाठक
चकिया/शिकारगंज। चकिया कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने शनिवार तड़के संयुक्त कार्रवाई में अंतरजनपदीय पशु चोर गिरोह का पर्दाफाश किया। भैंस चोरी करने पहुंचे बदमाशों से पुलिस से मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लग गई, जबकि उसके चार साथियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक तमंचा, कारतूस, चोरी में प्रयुक्त पिकअप और नकदी बरामद की है। आरोपियों ने चकिया, इलिया और शहाबगंज थाना क्षेत्रों में पशु चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार तड़के करीब चार बजे सूचना मिली कि भभौरा नाका के पास कुछ लोग मैजिक वाहन से भैंस चोरी का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों के शोर मचाने पर आरोपी वाहन लेकर गरला की ओर भाग निकले। सूचना मिलते ही कोतवाल अर्जुन सिंह और एसओजी प्रभारी रामजनम यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लतीफशाह पहाड़ी मार्ग पर घेराबंदी कर दी।
कुछ देर बाद संदिग्ध वाहन को रोका आर उसमें सवार चार आरोपियों को दबोच लिया, जबकि एक आरोपी पुलिस पर फायरिंग करते हुए जंगल की ओर भागने लगा। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी करन सिंह चौहान के दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को पुलिस ने जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। गिरफ्तार अन्य आरोपियों की पहचान शशि चौहान, प्रताप चौहान, बल्लू चौहान निवासी पचवनिया, कोतवाली चकिया तथा अली हुसैन निवासी डबरीकला, थाना बबुरी के रूप में हुई है।
सीओ अजीत चौहान ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने चकिया, इलिया और शहाबगंज थाना क्षेत्रों में हुई पशु चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह पशुओं को चोरी कर वाराणसी के कज्जाकपुरा और दुल्हीपुर क्षेत्र में बेचता था। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और खरीदारों की तलाश की जा रही है। आरोपियों के पास से एक तमंचा, एक कारतूस, दो खोखे, चोरी में प्रयुक्त पिकअप और 2,500 रुपये बरामद हुए हैं। आरोपियों के खिलाफ पशु चोरी, अवैध शस्त्र रखने, पुलिस पर फायरिंग समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। सीओ ने कहा कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय पशु चोर गिरोह का नेटवर्क ध्वस्त हुआ है।