मुहर्रम की दसवीं तारीख पर बाज बहादुर स्थित कोट अखाड़े के मैदान से नवनियुक्त नायब उस्ताद मोहम्मद महमूद खान के नेतृत्व में पारंपरिक जुलूस निकाला गया।
इस मौके पर कांग्रेस के शहर अध्यक्ष रेयाजुल हसन ने नवनियुक्त नायब उस्ताद मोहम्मद महमूद खान को कालीन भेंट कर सम्मानित किया। वहीं, अखाड़े के खिलाड़ियों ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया।
जुलूस बाज बहादुर से प्रारंभ होकर टेढ़िया मस्जिद, हर्रा की चुंगी, कोट राजा का किला होते हुए तकिया पहुंचा। मार्ग में विभिन्न इमाम चौकों पर अकीदतमंदों ने नियाज-फातेहा कराई। जिन लोगों की मन्नतें पूरी हुई थीं, उन्होंने छोटे ताजिये और पंजे चढ़ाया।
शाम सात बजे से नगर के विभिन्न इमाम चौकों से बैंड-बाजे के साथ ताजिये उठाए गए और मुख्य चौक पर एकत्र हुए। एलवल, फराशटोला, कोट, कटरा, जामा मस्जिद, बाज बहादुर और एकतखा पुल सहित विभिन्न मोहल्लों के ताजिये भी इस आयोजन में शामिल हुए। मुख्य चौक पर कटरा और जामा मस्जिद के अखाड़ों के खिलाड़ियों के बीच पारंपरिक मुकाबला आकर्षण का केंद्र रहा। खिलाड़ियों ने तलवार, लाठी, डंडा, बाना और बनेठी जैसे पारंपरिक हथियारों से करतब कर दर्शकों का मन मोह लिया। इसके बाद सभी अखाड़े और ताजिये पारंपरिक खेल का प्रदर्शन करते हुए कर्बला मैदान पहुंचे, जहां देर रात तक मुकाबले और अन्य धार्मिक आयोजन चलते रहे। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
इस अवसर पर कोट अखाड़े के उस्ताद जुबेर खान, नायब उस्ताद मोहम्मद महमूद खान, मुश्ताक अहमद, शफीक अहमद, कटरा अखाड़े के उस्ताद मुन्ना कुरैशी, जामा मस्जिद अखाड़े के उस्ताद मुख्तार अहमद, मुफीद सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी, अकीदतमंद आदि उपस्थित रहे। बरदह क्षेत्र में मुहर्रम को लेकर दोपहर करीब तीन बजे ताजिया जुलूस निकाला गया। जुलूस नहर मार्ग से होते हुए बरदह बाजार पहुंचा और वहां से विभिन्न मार्गों का भ्रमण करते हुए फुरसुरी पहुंचा, जहां पारंपरिक रस्मों के साथ ताजिया का समापन किया गया।
इसी क्रम में बरौना में भी मुहर्रम जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए।