रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने लोगों की परेशानी को देखते हुए कैश एक्सजेंच के नियमों में बदलाव करते हुए नोट बदलने की सीमा दो हजार रुपये किए जाने के बाद शुक्रवार को बैंकों के बाहर नोट बदलवाने वालों की भीड़ लगी।
लेकिन गुरुवार की तरह बैंकों ने पैसे न होने की बात कहकर लोगों को लौटा दिया। इससे निराश होकर लोग बैंकों को कोसते हुए घर चले गए। वहीं बैंक शाखाओं में नकदी जमा हुई लेकिन रिजर्व बैंक के निर्देश के इतर ग्राहकों को कहीं दो हजार तो कहीं पांच हजार रुपये ही दिए गए।
आठ नवंबर को नोट बंदी के बाद से पांच सौ और हजार रुपये के नोट एक्सचेंज करने के लिए बैंकों के बाहर लंबी कतार लगने लगी। स्थिति यह रही कि कई स्थानों पर भीड़ को संभालने के लिए डंडे फटकारने की जरूरत पड़ी।
कई बैंकों में स्थिति ऐसी रही कि वहां कैश खत्म हो गया। गुरुवार को अधिकतर बैंकों में कैश खत्म हो गया। वहीं जिन बैंकों में पैसा रहा भी वहां भी सिर्फ बैंक के ग्राहकों को ही नकदी निकासी की सुविधा दी गई। ऐसे में बैंक शाखाओं के बाहर भीड़ नहीं रही। यही हाल शुक्रवार को भी हुआ। अधिकतर बैंक शाखाओं ने शाखा खुलते ही कैश न होने की बात कह दी। इससे निराश होकर ग्राहक वापस लौट गए। वहीं कैश की कमी की वजह से बैंक शाखाओं ने नियम के विपरीत बहुत छोटी मात्रा में जमा निकासी की सुविधा दी। रिजर्व बैंक ने अपने एकाउंट से एक सप्ताह में 24 हजार रुपये निकासी की सुविधा दी है लेकिन इलाहाबाद बैंक, विजया बैंक, यूनियन बैंक, स्टेट बैंक, बैंक आफ इंडिया, ओरियंटल बैंक, सेंट्रल बैंक सहित अन्य बैंकों ने कहीं दो हजार तो कहीं पांच हजार रुपये ही ग्राहकों को विद्ड्राल करने दिया। इससे लोगों में नाराजगी दिखी।