लाश लेकर आए लोगों ने बताया सच।
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सड़ रहे शव आ रही महक
प्रदेश सरकार एक तरफ जिले के हर पोस्टमार्टम हाउस को हाईटेक बनाने के लिए लगातार कवायद कर रही है, लेकिन सरकार की कवायद पर सीएमओ उदासीन बने हुए हैं। जबकि पोस्टमार्टम हाउस में प्रतिदिन तीन और चार शव आते है।
जिला पोस्टमार्टम 15 दिनों से डीप फ्रीजर खराब पड़े हैं। जिसकी वजह से शव सड़ रहे हैं और उनमें से महक तक आ रही है। ऐसे में अगर किसी को अपने मृतक के शव को सुरक्षित रखना है तो उन्हें मजबूरन बाहर से बर्फ खरीद कर शव को सुरक्षित रखना पड़ रहा है।
पोस्टमार्टम हाउस में आए मृतक के परिजन बबलू मिश्रा धर्मवीर और फूल सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम हाउस के डीप फ्रीजर खराब होने से शव सड़ रहे हैं उनके दुर्गन्ध आ रही है। तत्काल डीप फ्रीजर बनाया जाना चाहिए। साथ ही स्वास्थ्य महकमा को वैकल्पिक व्यवस्था करना चाहिए ताकि मृतक के परिजनों को आर्थिक क्षति न हो।
फर्श के नाम पर केवल ईंट बिछाकर छोड़ा, फंस जाती है स्ट्रेचर
जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बरामदे में फर्श के नाम पर केवल ईंट बिछाकर छोड़ा गया है। कोई भी शव आने के बाद उसके स्ट्रेचर के पहिए इन ईंटों के बीच फंस जाते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि ठेकेदार को फर्श बनाने का ठेका मिला था लेकिन वह महज ईंट बिछाकर ही चला गया।रोज ही स्ट्रेचर के पहिए इसमें फंस जाते हैं।
बोले अधिकारी
पं. कमलापति त्रिपाठी सयुंक्त जिला चिकित्सालय के पोस्टमार्टम हाउस का डिफ्रीजर खराब होने का मामला संज्ञान में है। पहले भी खराब हो चुका था, जिसकी मरम्मत कराकर चालू करवाया गया था। दोबारा बिगड़ने पर भी मैकेनिक भेजा गया। तमाम प्रयासों के बाद भी सही नहीं हो सका। शासन को पत्र लिखकर डिमांड भेजी गई है। तत्काल वहां दो एसी लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। - डाॅ. युगल किशोर राय, सीएमओ