आजमगढ़। जिले की सभी 1810 ग्राम पंचायतों में फिलहाल विकास कार्यों के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासन ने ग्राम निधि खातों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके साथ ही पंचायतों में भुगतान प्रक्रिया के लिए उपयोग होने वाले डोंगल भी निष्क्रिय कर दिए गए हैं। 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो गया। इसके बाद योगी सरकार की ओर से अगले 6 महीने के लिए प्रधानों को ही प्रशासक के रूप में तैनात कर दिया गया है। ग्रामीण विकास को गति देने के लिए भले ही सरकार ने प्रशासक तैनात कर दिए पर पूरी बागडोर अपने पास रखी है। इधर, प्रशासन ने प्रधानों का कार्यकाल खत्म होते ही सभी 1810 ग्राम पंचायतों में ग्राम निधि के खाते पर रोक लगा दी है। ग्राम पंचायतों के डोंगल को डीएक्टिवेट कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने पंचायतों के कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के लिए पूर्व ग्राम प्रधानों को अगले छह महीने के लिए प्रशासक के रूप में तैनात किया है। हालांकि, वित्तीय अधिकारों को लेकर अभी तक स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शासन से नए आदेश मिलने तक ग्राम निधि खाते से किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया जाएगा। डोंगल निष्क्रिय होने के कारण पंचायत सचिव और संबंधित कर्मचारी ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया नहीं कर पा रहे हैं। इससे नाली-खड़ंजा, इंटरलॉकिंग, सफाई और पेयजल जैसी योजनाओं से जुड़े भुगतान अटक गए हैं।