पीडीडीयू रेलवे स्टेशन पर बिना मास्क के आवागमन करते यात्री। संवाद
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पीडीडीयू नगर। ओमिक्रान को देखते हुए सुरक्षा के लिए भले ही रात का कर्फ्यू लगा दिया गया हो। लेकिन दिनभर लोग इसके प्रति पूरी तरह लापरवाह बने हैं। उन्हें न ही खतरे की फिक्र है और न ही बचाव की। हालांकि हर स्तर पर लोगों का सतर्क रहने और कोविड गाइड लाइन का पालन करने को चेताया जा रहा है। लेकिन लोग समझ नहीं रहे। ऐसा ही कुछ पीडीडीयू जंक्शन पर देखने को मिल रहा है। यहां न तो यात्री मास्क लगा रहे और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे। रही जिम्मेदारों की बात तो वह इसे लेकर पूरी तरह लापरवाह बने हैं। कोरोना के बाद 23 मार्च 2020 से ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया। बाद में श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू किया और इसके बाद स्पेशल के नाम से चुनिंदा ट्रेनों को चलाया गया। हावड़ा दिल्ली रूट पर अतिव्यस्त पंड़ित दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन पर इसके बाद से ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को तैनात कर दिया गया। टीम बाहर से आने वाले यात्रियों की आरटीपीसीआर जांच करते हैं। कोरोना का प्रभाव कम होने के बाद भी यहां स्वास्थ्य टीम को नहीं हटाया गया। अब प्रदेश में रात 11 से सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। बावजूद इसके स्थानीय रेलवे स्टेशन पर कोरोना को लेकर कोई सतर्कता नहीं दिख रही है। रेलवे स्टेशन पर बिना मास्क के आने वालों से पांच सौ रुपये जुर्माना वसूलने का प्रावधान है। बावजूद इसके इसका पालन नहीं हो रहा है। रेलवे स्टेशन के प्रतीक्षालय और सर्कुलेटिंग एरिया में लोग एक दूसरे से सटकर बैठ रहे हैं।