पीडीडीयू नगर। हावड़ा-दिल्ली रेल रूट पर पं. दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन पर बंदरों से उत्पात से यात्री परेशान हो गए हैं। स्थिति यह है कि यहां प्लेटफार्म, सीढ़ियों पर यात्रियों से अधिक बंदरों की संख्या दिखती है। भूखे बंदर खाने की लालच में यात्रियों पर झपट्टा मार कर सामान छीन लेते हैं। रेलवे की ओर से बंदरों को भगाने के लिए कई बार योजना बनाई गई लेकिन बंदरों का आतंक दूर नहीं हुआ। पूर्वोत्तर भारत का प्रवेशद्वार माने जाने वाले पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर कोरोना के पहले प्रतिदिन 175 जोड़ी ट्रेनों का आवगामन होता था। वहीं प्रतिदिन यहां लगभग 30 हजार यात्री सवार होते हैं और उतरते रहे। ट्रेनों से बड़े पैमाने पर यात्री चिप्स, बिस्कुट्स सहित खाने पीने का सामान रेलवे लाइन पर फेंक देते। इसी वजह से खाने की लालच में यहां बंदरों ने डेरा जमा लिया। तादात बढ़ते-बढ़ते वर्तमान पर स्टेशन पर तीन से चार सौ बंदर उछल कूद मचा रहे हैं। कोरोना में ट्रेनों का संचालन कई माह बंद रहा। बाद में सीमित संख्या में स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया। बावजूद इसके स्टेशन पर यात्रियों की संख्या दो से तीन हजार तक पहुंच गई है। ऐसे में बंदर अब पहले से अधिक उत्पाती हो गए हैं। स्थिति यह हो गई है कि बंदर बकायदा ट्रेनों के आने का इंतजार करते हैं। इसके बाद यात्रियों का सामान छीनते हैं।