वनों को आग से बचाने के लिए वन गांवों के नागरिकों की सहभागिता आवश्यक है। जिसके लिए वन विभाग ग्रामीणों को समय-समय पर जागरूक करता रहा है। उक्त विचार चन्द्रप्रभा वन्य जीव विहार के हिनौतघाट गांव में काशी वन्य जीव प्रभाग के तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए डीएफओ गोपाल ओझा ने व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि वनों में आग से न केवल वृक्षों को नुकसान पहुंचता है बल्कि सरीसृप प्रजातियों एवं वन औषधियों का भी विनाश होता है। इसलिए वनों को आग से बचाने के लिए वन विभाग के साथ ही वन क्षेत्र के आस-पास के गांवो के नागरिको की जागरूकता जरूरी है।
उन्होंने वनों में आग न जलाने, बीड़ी पीकर न फेके तथा खोवा भट्ठी न जलाने एवं कही भी आग दिखाई देने पर उसे तत्काल बुझाने की अपील ग्रामीणों से की। इस अवसर पर एसडीओ जेपी सिंह, चन्द्रप्रभा रेंजर रविशंकर शुक्ला, चकिया रेंजर नन्दलाल कुशवाहा, राजपथ रेंजर तथा उड़ाका दल प्रभारी ताराशंकर यादव, एसके शैलेश, आनन्द दुबे, हफीजुल रहमान, प्रसिद्ध कुमार सहित तमाम वनकर्मी व ग्रामीण मौजूद थे।