स्थानीय रेलवे स्टेशन के पार्सल गेट के रास्ते को बंद करने के विरोध में रविवार को ग्रीन आटो रिक्शा आनर्स सोसायटी के बैनर तले आटो रिक्शा चालकों ने धरने की शुरुआत की। चेतावनी दी कि जब तक गेट को चौबीस घंटे के लिए नहीं खोला जाएगा तब तक धरना जारी रहेगा। पहले दिन आटो चालकों ने रेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
आटो चालकों का कहना है कि एक जनवरी 1997 से स्टेशन के पार्सल गेट बस स्टैंड वाले रास्ते पर आटो स्टैंड के रूप में मंजूूरी मिली है। मुख्य गेट के सामने गलत ढंग से आटो रिक्शा, विक्रम स्टैंड संचालित हो रहा है। पिछले नौ माह से पार्सल गेट को बंद कर दिया गया। सुबह आठ से शाम चार बजे तक पार्सल लाने ले जाने के लिए गेट खोला जा रहा है। इसके बाद बंद कर दिया जा रहा है। इससे इधर से यात्रियों का आवागमन बंद हो गया है। अधिकृत स्टैंड पर करीब सौ आटो चालक हैं। इससे सौ घरों की रोजी रोटी चलती है लेकिन गेट बंद होने से भुखमरी की स्थिति आ गई है। कई बार इसकी लिखित शिकायत रेल प्रशासन से की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। धरना प्रदर्शन कर रहे चालकों ने पार्सल गेट को चौबीस घंटे खोलने, रेल प्रशासन द्वारा निशुल्क् स्टैंड पर पार्किंग वसूली बंद करने, स्वच्छता और रेल यात्रियों की सुविधा के लिए मूत्रालय का निर्माण, स्टैंड परिसर में पेयजल, बिजली आपूर्ति करने की मांग की। धरने में रविन्द्र नाथ जायसवाल, प्रकाश तिवारी, राजकुमार गुप्ता, दिलीप कुमार झा, हृदयनारायन सिंह, दुर्गा प्रसाद, महेन्द्र प्रसाद गिरी, रामविलास गुप्ता, गोपाल राय, शेरू खान, अकरम अली आदि रहे।