दुलहीपुर में गंगा कटान का दृश्य।
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पिछले एक सप्ताह से हो रही बारिश के बाद भी गंगा का जलस्तर स्थित बना हुआ है। बावजूद इसके पिछले वर्षों में बाढ़ की विभीषिका झेल चुके तटवर्ती इलाके के ग्रामीण बाढ़ और गंगा कटान को लेकर चिंतित हैं। जिले के चहनियां, दुलहीपुर, पड़ाव व धानापुर क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसान बाढ़ और गंगा कटान की आशंका से भयभीत हैं। जिलाधिकारी कुमार प्रशांत का कहना है कि बाढ़ पर प्रशासन अपनी पैनी नजर रखे हुए है। बाढ़ से निपटने की सारी तैयारियां पूरी कर ली गईं। बाढ़ नियंत्रण चौकियों को एलर्ट कर दिया गया है। आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए पेट्रोलियम, राशन और आनाज सहित जरूरी वस्तुओं की व्यवस्था कर ली गई है।
धानापुर संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के इलाके में हुई भीषण बारिश से तटीय इलाके के लोगों में बाढ़ को लेकर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। क्षेत्रीय ग्रामीणों के अनुसार गंगा में जलस्तर वृद्धि के साथ ही कटान का क्रम भी शुरू हो गया है। प्रसहटा, गद्दोचक, सैफपुर, हिंगुतरगढ़, बुद्धपुर, नौघरा, नरौली, अमादपुर सहित दर्जनों गांवों में अब बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है व कटान तेजी से हो रहा है। बावजूद इसके अभी प्रशासनिक तैयारियों के नाम पर कुछ नहीं दिख रहा है। न तो गांव में अलर्ट जारी किया गया है और न ही बाढ़ के मद्देनजर संवेदनशील गांवों की सूची तैयार की गई है।
दुलहीपुर संवाददाता के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोग अभी से घर छोड़कर पड़ाव-भूपौली मार्ग पर सड़क के किनारे अस्थाई व्यवस्था करने लगे हैं। कुंडा खुर्द गांव के मल्लाह बस्ती का संपर्क मार्ग कटान की भेंट चढ़ गया है जबकि डीह बाबा का मंदिर मात्र कटान क्षेत्र से मात्र पांच फीट दूर रह गया है। इसी प्रकार बहादुरपुर, कुंडा कला, मवईं कला, सहजौर, भिसौड़ी आदि गांवों के लोग भी अभी से सुरक्षित आशियाना तलाशने लगे हैं।