पंचायत राज सेवा परिषद जिला इकाई की ओर से गुरुवार को विकास भवन परिसर में चार सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारियों और अधिकारियों ने प्रदर्शन में एकजुटता दिखाई। इस दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ भड़ास निकालते हुए पंचायत राज विभाग को स्वतंत्र करने व एक अगस्त 2016 को जारी शासनादेश तत्काल वापस लेने की मांग की। वहीं अधिकारी व कर्मचारी जिला मुख्यालयों के साथ ब्लाक मुख्यालयों पर सरकार के खिलाफ धरना देंगे और 26 दिसंबर तक लगातार हड़ताल पर रहेंगे।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि ग्राम पंचायत से लेकर प्रदेश स्तर तक ग्राम्य विकास विभाग के नियंत्रण को समाप्त कर विभागों के मध्य समन्वय के लिए आईएएस एवं पीसीएस संवर्ग के अधिकारियों को तैनात किया जाए। क्षेत्र पंचायत स्तर पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत के कार्यालय को पुन: स्थापित कर खंड विकास अधिकारियों के नियंत्रण को समाप्त किया जाए। ग्राम्य विकास विभाग के ग्राम विकास अधिकारी जो सचिव के पद पर ग्राम पंचायतों में तैनात हैं, उन्हें तत्काल हटाकर रिक्त पदों पर विभागीय कर्मचारियों को तैनात किया जाए। एक अगस्त 2016 के शासनादेश को तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही ग्राम विकास से पंचायत राज विभाग को स्वतंत्र किया जाए। कहा कि सरकार हमारी मांगों को नजरअंदाज कर रही है। जिसका विरोध होगा। इस दौरान रामनगीना सिंह, ब्रजेश कुमार सिंह, उमेंद्र सिंह, बजरंगी पांडेय, संजय सिंह, अभय सिंह, रामलखन आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता राम जियावन व संचालन श्रीनिवास तिवारी ने किया।