समापक भुगतान समारोह के दौरान रिटायर होने वाले कर्मचारी से मुलाकात हो
जाती है, यह मेरे लिए बहुत ही सौभाग्य की बात है। सेवानिवृत्त हो जाने के
बाद भी रेलकर्मी का महत्व बना रहता है।
क्योंकि रिटायर होने के बाद
भी जब कभी हमें उनकी जरूरत होती है, वह नि:स्वार्थ भाव से रेल को अपनी
सेवा देने के हमेशा आगे रहते हैं।
उक्त बातें मंडल रेल प्रबंधक विद्याभूषण
ने सोमवार को स्थानीय यूरोपियन कालोनी स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित
समापक भुगतान व विदाई समारोह के दौरान कही।
इस दौरान फरवरी 2015 में
सेवानिवृत्त होने वाले 55 रेल कर्मचारियों को विभिन्न मदों से कुल सात
करोड़, 66 लाख, 36 हजार, आठ सौ नब्बे रुपये का भुगतान करने के साथ ही
आवश्यक कागजात डीआरएम द्वारा सौंपे गये। उन्होंने रिटायर हो रहे
कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन भर रेलवे में नौकरी के बाद
रिटायमेंट के दौरान कर्मचारी को उसका संचित धन रेलवे की ओर से मिलता है।
उसे सोच समझकर ही खर्च करना चाहिए क्योंकि इसके बाद वह धन ही उसके जीवन का
सहारा होती है। स्वागत समारोह के पश्चात मंडल कला समिति व स्काउट गाइड
द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्त्रस्म प्रस्तुत किया गया।
इस दौरान सीएमएस डा.
एससी साहू व रेलवे की समस्त यूनियन के शाखा के पदाधिकारी व प्रतिनिधि एवं
कर्मचारी मौजूद रहे।