नियामताबाद। विकासखंड के औद्योगिक क्षेत्र स्थित शाश्वत गैसेज कंपनी से ऑक्सीजन सिलिंडर भरवाने आए कई जनपद के लोगों ने सिलिंडर नहीं मिलने पर नाराजगी जाहिर की। लोगों का कहना था कि पुलिस और अधिकारियों की मिलीभगत से कंपनी मनमानी कर रही है। निर्धारित और चिह्नित अस्पतालों को सिलिंडर न देकर अन्य पैरवी वाले लोगों को पहले दिया जा रहा है। वहीं कंपनी के कर्मचारियों ने सरकारी व गैर सरकारी दोनों के लिए सिलिंडर की आपूर्ति करने में हो रही परेशानी को इसका कारण बताया।
औद्योगिक क्षेत्र स्थित शाश्वत गैसेज कंपनी का प्रतिदिन 1060 ऑक्सीजन रिफलिंग की क्षमता है। चंदौली जिला प्रशासन वाराणसी और चंदौली के 26 अस्पतालों की सूची का आदेश 22 अप्रैल को ही गैस एजेंसी को सौंप दिया था। जिससे अस्पतालों के नाम के सामने अंकित ऑक्सीजन सिलिंडरों की संख्या की नियमित आपूर्ति की जाने का आदेश था। आदेश के अनुसार पहले इन चिह्नित अस्पतालों को ऑक्सीजन सिलिंडर मुहैया कराए जाने चाहिए। और यह संख्या कंपनी के क्षमता के अनुरूप भी है। बावजूद अस्पतालों को ऑक्सीजन सिलिंडर एक-एक दिन बाद मिल रहे हैं।
वाराणसी से आए ओम कश्यप ने बताया कि देरी का सबसे बड़ा कारण यह है कि कंपनी अपने चहेते और पैरवी वाले लोगों को पहले ऑक्सीजन सिलिंडर दे रही है। जबकि अनियमितता रोकने के लिए मौके पर पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की भी तैनाती की गई है। पर सबसे मिलीभगत से यह कार्य हो रहा है। सबसे बड़ा सवाल है कि कंपनी एक दिन में जितना सिलिंडर उत्पादन कर सकती है उतना ही दिया जाना है फिर चिह्नित अस्पतालों को देरी क्यों हो रही है? कुछ लोगों ने कंपनी के कर्मचारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे नंबर आने के बाद भी लोगों की बजाए अपने चहेतों को बिना नंबर के सिलिंडर दे रहे हैं। सिलिंडर देने में प्राथमिकता का उल्लंघन किया जा रहा है।डीएलडब्ल्यू से आए अंजनी राय ने बताया कि भोर के पांच बजे से कंपनी के लोगों से सिलिंडर देने की गुहार लगा रहे हैं। बावजूद इसके शाम के पांच बजे तक उन्हें सिलिंडर नहीं मिल पाया है।
मिर्जापुर के कंचनपुर से आए दीपक का कहना था कि वे चिलचिलाती धूप में तीन घंटे से सिलिंडर के लिए खड़े हैं लेकिन नंबर आने के बाद भी सिलिंडर नहीं मिला है। वाराणसी से आए आशीष मिश्रा ने कहा कि वे चार घंटे से ऑक्सीजन के लिए लाइन में खड़े हैं पर अभी तक नंबर नहीं आया है। कंपनी के कर्मचारी भी यह नहीं बता पा रहे हैं कि सिलिंडर मिलेगा या नहीं और मिलेगा तो आखिर कब तक।
जौनपुर से आए सोनू यादव ने बताया कि वे शनिवार की शाम से ही सिलिंडर लेने के लिए लाइन में लगे हैं। रविवार के शम पांच बजे उनका नंबर था पर सिलिंडर छह बजे मिला। आरोप लगाया कि उन्होंने तीन सिलिंडर लिए हैं जिनमें दो लीकेज है।