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पीडीडीयू जंक्शन पर साढ़े चार वर्षों में पकड़ा गया 76 किलो से अधिक सोना

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पीडीडीयू नगर। ट्रेनें सोने और चांदी तस्करी का भी आसान साधन बनती जा रही है। विशेष कर वीआईपी ट्रेनों से तस्कर कोलकाता से सोने की खेप कानपुर और दिल्ली सहित अन्य शहरों में पहुंचा रहे हैं। कोरोना काल में ट्रेनों की संख्या कम होने पर तस्करी का सिलसिला कुछ दिन रुका लेकिन एक बार फिर से सोना चांदी तस्करी का सिलसिला शुरू हो गया है। बीच-बीच में कस्टम, जीआरपी, आरपीएफ आदि जांच कर तस्करी का सोना चांदी तो पकड़ लेती है लेकिन बड़े तस्करों तक उनके हाथ नहीं पहुंच पा रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो साढ़े चार वर्षों में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर 76 किलो से अधिक सोना, डेढ़ कुंतल से अधिक चांदी बरामद हो चुकी है।
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वर्ष 2017 में 22 किलो सोना पकड़ा गया। वर्ष 2018 में जनवरी में 13 किलो सोना पकड़ा गया जबकि 23 फरवरी को 46 किलो चांदी, 11 अप्रैल को सात किलो सोना, 23 जुलाई को छह किलो सोना बरामद हुआ। वर्ष 2019 में स्टेशन से 19 किलो सोना 52 किलो चांदी बरामद किया गया। वर्ष 2020 में आरपीएफ ने 50 किलो चांदी बरामद किया था। जबकि खुफिया राजस्व निदेशालय डीआरआई की टीम ने तीन किलो सोना बरामद कियौ। इसी वर्ष 13 जून को जीआरपी ने स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या तीन और चार पर फुटओवर ब्रिज के नीचे से दो युवकों को 34 किलो चांदी के साथ गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तार दोनों युवक भाई हैं और जौनपुर से चांदी की सिल्लियां कोल्हापुर ले जा रहे थे। जीआरपी ने बरामद चांदी और युवकों को सेंट्रल जीएसटी के अधिकारियों के हवाले कर दिया। इस संबंध में जीआरपी पीडीडीयू प्रभारी अशोक कुमार दुबे ने बताया कि कोरोना काल के बाद ट्रेनों की संख्या बढ़ी है वहीं यात्रियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। ऐसे में लगातार सघनता से जांच की जा रही है। इसी का नतीजा है कि लगातार सोना चांदी आदि बरामद हो रही है। कोशिश की है कि ट्रेनों से तस्करी पर रोक लगे।
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