भारतीय किसान संघ जिला इकाई की ओर से मुुख्यालय पर सोमवार को जीन संवर्धित सरसों के बीज की खेती करने के अनुमोदन पर अनुवंशकीय संवर्धन इंजीनियरिंग समिति का पुतला फूंका। किसानों ने केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अंत में राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम कुमार प्रशांत को सौंपा।
इस अवसर पर किसानों ने कहा कि संवर्धित सरसों के बीज (जीन मोडिफाइड बीज) की खेती करने से किसानों का कोई आर्थिक लाभ नहीं होने वाला है। इसकी खेती करने से पर्यावरण खराब होगा। खेती होने वाले क्षेत्र में इसके प्रदूषण से सूक्ष्म वनस्पतियां छोटे जीवन जंतु का लोप होने लगेगा। कहा कि कनाडा में जीन संवर्धित सरसों की खेती की गयी थी, जिससे वहां मधुमक्खियों के लाखों छत्ते गायब हो गए थे। यदि इसकी खेती की गई तो इसका प्रभाव हर जगह पड़ेगा। जीन संवर्धित बीज की खेती के पहले निर्धारित संख्या में परीक्षण किया जाता है। इस मौके पर राकेश सिंह, अखिलेश सिंह, मनोज कुमार सिंह, बृजेश बिंद, रवि यादव, प्रवीण कुमार, अविनाश, तेजन राम, संतोष मिश्र आदि रहे।