धरने को संबोधित करते डीपीआरओ गोविंद शरण श्रीवास्तव।
पंचायती राज सेवा परिषद के बैनर तले कर्मचारियों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर धरना दिया।
इस दौरान डीपीआरओ गोविंद शरण श्रीवास्तव के नेतृत्व में अधिकारियों व कर्मचारियों ने एक अगस्त को जारी शासनादेश का जमकर विरोध किया। साथ ही पंचायती राज विभाग को स्वतंत्र किए जाने की मांग की। कर्मचारी पंचायती राज विभाग को ग्राम्य विकास विभाग से जोड़े जानेे के आदेश से खफा हैं।
इस अवसर पर डीपीआरओ गोविंद शरण श्रीवास्तव ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा पंचायती राज विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को अपने अधीन किए जाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका विरोध किया जाएगा। हम सभी तब तक संघर्ष करते रहेंगे, जब तक पंचायती राज विभाग पूर्ण रूप से स्वतंत्र होकर कार्य नहीं करने लगता। एडीओ पंचायत रामनगीना सिंह ने कहा कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए पंचायती राज विभाग का स्वतंत्र होना जरूरी है। यह न केवल पंचायती राज विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के हित में है, बल्कि इस विभाग से संचालित योजनाओं से लाभान्वित होने वाली जनता के भी हित में होगा।
इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार को पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के हित में सोचना होगा। इस दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष कैलाशपति सिंह ने कहा कि सभी को एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाना होगा, तभी हम अपनी मांगों को शासन के समक्ष मजबूती से रख सकेंगे। अंत में मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष अभय सिंह, ब्रजेश कुमार सिंह, संजय, सुषमा मिश्र, योगेश, रामलखन, रामजी राम बजरंगी पांडेय, संजीव सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।