सउदी अरब में शिया धर्म गुरू शेख बाकिर अल निम्र को फांसी देने के विरोध
में शुक्रवार को स्थानीय जामा मस्जिद में नमाज अदा करने के बाद मुस्लिम
बंधुओं ने प्रदर्शन किया।
मुस्लिमों ने बांहों पर काली पट्टी बांध
कर प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को पत्र भेजा। जिसमें संयुक्त राष्ट्र संघ
से मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि
सउदी सरकार ने मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज
उठा रहे शिया धर्म गुरू शेख वाकिर अल निम्र को फरवरी 2011 में गिरफ्तार
किया और हाल ही में उन्हें फांसी दे दी गई। यह कृत्य मानवता विरोधी है।
वक्ताओं ने कहा कि सउदी सरकार ने शेख अल निम्र को नहीं बल्कि मानवता को
फांसी दी है। कहा कि सउदी सरकार यदि यह सोचती है कि शेख को फांसी देकर
मानवता का गला घोट देगी, तो यह सोच गलत है। मानवता की रक्षा के लिए हजारों
निम्र पैदा होंगे।
कहा कि भारत सरकार को इस मामले को संयुक्त राष्ट्र संघ
में ले जाना चाहिए और हस्तक्षेप की मांग करनी चाहिए ताकि मानवता की रक्षा
हो सके। इसके पूर्व बांहों पर काली पट्टी बांध कर और हाथों में नारे लिखे
तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
बाद में जिलाधिकारी के माध्यम से
भारत सरकार को पत्र भेजा गया।
इस अवसर पर शिया धर्म गुरू मौलाना जमीरूल हसन
रिजवी, मौलाना हैदर मेहदी, समर हुसैन हुसैनी, कल्बे अब्बास जाफरी, सैयद
जैगम अब्बास, सैयद यासिर हैदर जाफरी, सैयद राहित जाफरी, मकसूर हुसैन जाफरी,
जमील जाफरी, मुजाम्मिल जाफरी, कासिम रजा जाफरी, सैयद आब्दी, जौहर रिजवी,
फराज जाफरी, युसुफ हुसैनी, राजू जाफरी, अशफाक आदि रहे।