क्षेत्र के सराय गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर में आयोजित गोष्ठी में दिल्ली से आयी टीम ने ग्रामीणों को खुले में शौच न जाने के लिए गांव के लोगों को जागरूक किया। इस दौरान टीम के सदस्यों ने प्रैक्टीकल के माध्यम से लोगों को खुले में शौच के कारण पड़ने वाले दुष्प्रभाव के प्रति सचेत किया।
गांवों मे खुले मे शौच मुक्ति के लिए सरकार द्वारा चलाये जा रहे अभियान को बढावा देने के लिए दिल्ली से एक टीम गुरुवार को सराय गांव के प्राथमिक विद्यालय के परिसर में पहुंची।गांव के लोगों को टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे भरतकांत द्विवेदी ने लोगों को खुले मे शौच न करने के लिए प्रेरित किया। खुले में मल त्याग से उस पर बैठने वाले मच्छर, मक्खी उड़ कर हमारे भोजन पर बैठते हैं और हम उसी गंदे भोजन को ग्रहण करते हैं। इससे कई बीमारियों से ग्रसित होते हैं। वहीं उन्होंने रोड पर शर्मसार यात्रा निकाली और प्रैक्टिकल के माध्यम से साबित किया कि खुले मे शौच करने से जहां हमारी बहू बेटी की लज्जा भंग होती है, वहीं कई प्रकार के रोग का प्रकोप भी होता है। प्रत्येक घर में शाचालय बनवाने की नसीहत देते हुए कहा जहां हम लाख रुपये बीमारियों में लगाते हैं। जबकि कुछ हजार रुपये का शौचालय बनवाकर स्वस्थ रह सकते हैं।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश यादव, ब्लाक को आर्डिनेटर राम निवास उपाध्याय, अमित कुमार पांडेय, संतोष कुमार, नीरज त्रिपाठी, प्रधान सचानू राम आदि उपस्थित रहे।