चंदौली। कोरोना काल में नॉन कोविड मरीजों की ओर किसी का ध्यान नहीं रह गया था। सिर्फ इमरजेंसी ही चल रही थी। ऐसे में उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी। लेकिन अब जनपद के सरकारी अस्पतालों में चार महीने बाद अब दो घंटे की ओपीडी शुरू कर दी गई है, ताकि नान कोविड मरीजों को इलाज में किसी प्रकार की परेशानी न होने पाए। शुक्रवार को ओपीडी कार्य के पहले दिन लगभग 200 मरीजों ने ओपीडी का पर्चा कटा और अपना इलाज कराया। वहीं देर से पहुंचने के बाद सामान्य मरीजों को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
जनपद में कोरोना वायरस के मरीजों पर शासन का पूरा फोकस था। कोरोना के चलते 25 मार्च को लाकडाउन के बाद अप्रैल से जिला अस्पताल की ओपीडी पूरी तरह से बंद कर दी गई थी। लेकिन शासन से मिले निर्देश के बाद अब चार महीने बाद नान कोविड-19 का इलाज मुख्यालय स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी राजकीय संयुक्त जिला चिकित्सालय में शुक्रवार से शुरू हो गया। लॉक डाउन व करोना संक्रमण के दौरान सामान्य बीमारियों से पीड़ित लोग इलाज के लिए भटक रहे हैं। निजी अस्पतालों का हाल भी ठीक नहीं है। जो निजी अस्पताल खुल रहे हैं, वहां मरीजों से मनमानी वसूली की जा रही है। हालांकि सरकारी अस्पतालों में ओपीडी शुरू हुई है, लेकिन अभी भी व्यवस्था सुचारु नहीं हो पा रही है। कोरोना संक्रमण से पहले जिला अस्पताल में जहां1000 से अधिक लोग ओपीडी में इलाज करते थे लेकिन मन होने के कारण यह व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई थी। शुक्रवार को पुन: ओपीडी शुरू होने से मरीजों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। 200 मरीजों ने जिला अस्पताल पहुंचकर अपना इलाज कराया।भाई समय से नहीं पहुंच पाने के कारण लोग मायूस होकर घर लौट गए। कोरोना वायरस संक्रमण में सिर्फ इमरजेंसी ही व्यवस्था चल रही थी। ओपीडी का घर शासन के निर्देश पर सुबह 8:00 बजे से 10:00 बजे तक चिकित्सालय में शुरू हो गया यहां पहुंच कर लोग अपना इलाज करा सकते हैं।
प्रवेश से पहले हो रही थर्मल स्क्रीनिंग
कोरोनावायरस को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। ओपीडी में चिकित्सक को दिखाने से पहले ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के साथ थर्मल स्क्रीनिंग मरीज की कराई जा रही। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही चिकित्सक के कक्षा में प्रवेश मरीज कर रहे हैं, ताकि कोरोना वायरस से बचाया जा सके।
शासन के निर्देश पर सामान्य मरीजों को देखते हुए ओपीडी का कार्य शुरू हो गया है। जहां चिकित्सक मरीजों का देखभाल कर उन्हें दवा दे रहे हैं। डॉक्टर भूपेंद्र द्विवेदी सीएमएस।