पीडीडीयू नगर। दीपावली नजदीक आते ही जिले में पटाखों के अवैध भंडारण और निर्माण का खतरा बढ़ने लगा है। त्योहार पर मांग बढ़ने के साथ ही मुनाफा कमाने की होड़ में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका भी बढ़ जाती है।
जिले में घनी आबादी के बीच अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़ होने से लेकर दो बड़े विस्फोट में तीन लोगों की जान जाने तक की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके अलावा चार बार पटाखों की बड़ी खेप भी पकड़ी जा चुकी है। इसके बावजूद अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाना चुनौती बना हुआ है।
जिले में पटाखा बिक्री के लिए महज चार लोगों के पास स्थायी लाइसेंस हैं। दीपावली के आसपास बड़ी संख्या में कारोबारी अस्थायी लाइसेंस लेकर पटाखों की बिक्री करते हैं।
ऐसे में लाइसेंस की शर्तों, भंडारण के लिए निर्धारित जगह और सुरक्षा मानकों के पालन की जांच अहम हो जाती है। अस्थायी लाइसेंस की आड़ में अवैध भंडारण की आशंका को देखते हुए निगरानी और सख्त जांच की जरूरत है।