पीडीडीयू नगर। दुर्गा पूजा की छूट्टियों के बाद स्कूल फिर खुले। स्कूल खुलने के साथ ही छात्रों में उत्साह बढ़ने लगा है। यही कारण है कि स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ी है। हालांकि अभिभावक अभी भी डरे हुए हैं। विशेष कर सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या कम है। वहीं निजी विद्यालयों में संख्या अधिक है।
कोरोना की वजह से स्कूल बंद रहे। स्कूलों की ओर से ऑनलाइन शिक्षा की व्यवस्था की गई लेकिन कभी नेट की खराबी तो कभी मोबाइल लैपटाप की कमी आदि कारणों से बच्चों की शिक्षा पटरी पर नहीं आ सकी। छात्र स्कूल खुलने का इंतजार करते रहे। कोरोना का प्रभाव कम होता देख 19 अक्तूबर से नौवीं से 12वीं तक के स्कूलों को सुरक्षा के साथ खोल दिया गया। तमाम सुरक्षा उपायों के बावजूद अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतराते रहे। यही कारण है कि पहले दिन मात्र बीस से तीस फीसदी बच्चे पहुंचे। चार दिन की पढ़ाई के बाद स्कूलों में दुर्गा पूजा की छूट्टी हो गई। इसके बाद मंगलवार को स्कूल खुले। इसके साथ ही बच्चों की संख्या बढ़ने लगी है। नगर पालिका इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. महेन्द्र कुमार पांडेय ने बताया कि 19 अक्तूबर को मात्र पांच प्रतिशत बच्चे पहुंचे थे लेकिन छूट्टी के बाद 18 प्रतिशत बच्चे पहुंचे। इसी तरह पूर्व मध्य रेलवे इंटर कॉलेज के प्राचार्य मेजर अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि स्कूल में 15 से 25 प्रतिशत तक बच्चे पहुंचे। केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य केके भारती ने कहा कि बीस प्रतिशत तक बच्चे पहुंचे। सेंट्रल पब्लिक स्कूल के प्रबंधक विनय कमार वर्मा ने कहा कि निजी स्कूलों में 70 प्रतिशत तक बच्चे पहुंच रहे हैं। हालांकि 19 अक्तूबर को 30 प्रतिशत से अधिक बच्चे पहुंचे थे।
पीडीडीयू नगर। शर्तों के साथ सोमवार से स्कूल खुल गए हैं। शर्तों के साथ ही बच्चे स्कूल भी जा रहे हैं। स्कूलों के साथ ही कोचिंग सेंटर भी खुल चुके हैं। यहां भी स्कूलों जैसा ही कोविड प्रोटोकाल का पालन करना है। क्लास में बच्चे, दूर-दूर बैठ रहे हैं। इससे बच्चे बोर हो रहे हैं।
12वीं की छात्रा आयुषी कहती है कि नेटवर्क की खराबी की वजह से ऑनलाइन पढ़ाई नहीं हो पाई। स्कूल में पढ़ाई समझ में आ रही है। नई बस्ती की शिवांगी ने कहा कि ऑनलाइन क्लास कर रही थी लेकिन एक साथ कई छात्र सवाल पूछने लगते, इससे बात समझ में नहीं आती थी। क्लास में आमने सामने बैठकर पढ़ना आसान है लेकिन यहां भी हर पल बीमारी का डर लग रहा है। खुश्बू गुप्ता ने कहा कि नेटवर्क की समस्या की वजह से ऑनलाइन पढ़ाई में समस्या हो रही थी। कोचिंग में पढ़ाई हो रही है लेकिन सहेलियों के साथ बैठ नहीं पा रही। विकासनगर की रहने वाली 12वीं की छात्रा अंजली मिश्र ने कहा कि स्कूल और कोचिंग खुलने से पढ़ाई की चिंता खत्म हुई है, लेकिन माहौल पहले की तरह नहीं है।