दो दिनों तक शांत रहने के बाद गंगा के जल स्तर में फिर से तेजी आ गई है। चौबीस घंटे में गंगा के जल स्तर में 76 सेमी की बढोत्तरी हुई है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार बुधवार को गंगा का जल स्तर खतरे के निशान से 136 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है। बुुधवार को जलस्तर 69.80 मीटर रहा। वहीं गंगा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी से तटवर्ती गांवों के सिवान डूबने के बाद पानी गांव के समीप तक पहुंच गया है।
पिछले सप्ताह पहाड़ो पर लगातार हो रही बारिश से गंगा उफना गई और खतरे के निशान तक पहुंच गई। हालांकि चौदह अगस्त को जल स्तर में ठहराव आ गया। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। दो दिनों तक जल स्तर में कमी आती रही लेकिन मंगलवार की रात से पानी की बढ़ोत्तरी फिर से शुरू हो गई। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के आंकड़ों के अनुसार चौबीस घंटे गंगा के जल स्तर में 76 सेमी की बढोत्तरी दर्ज की गई और गंगा का जल स्तर प्रति घंटे तीन सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा है। जिले में गंगा नदी में खतरे का निशान 71.26 मीटर है।
इस तरह वर्तमान में जल स्तर खतरे के निशान से 136 सेमी नीचे है। हालांकि इस बढ़ोत्तरी की वजह से चहनियां क्षेत्र के तटवर्ती गांव हसनपुर, भुसौला, मुकुंदपुर, सरौली, महमदपुर, पूरा गनेश, पूरा विजयी, सोनबरसा आदि सहित अन्य गांवों के समीप तक पानी पहुंच चुका है।
इसी तरह धानापुर के बु्द्धपुर, नौघरा, दीयां, प्रसहटा आदि गांवों तक पानी पहुंचने लगा है। नियामताबाद विकास खंड अंतर्गत कुंडा कला, मवई कला, सहजौर, कुरहना, रौना सहित अन्य गांवों के समीप तक पानी पहुंच चुका है। इससे लोगों में भय का माहौल है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि जल स्तर में इसी तरह बढ़ोत्तरी होती रही तो जल्द ही घरों तक पानी पहुंच जाएगा।