एनजीटी के नियमों को ताख पर रखकर चंदासी क्षेत्र में कच्चा कोयला जलाकर पोड़ा (साफ्ट कुक) बनाने की शिकायत पर रविवार को एसडीएम मुगलसराय के नेतृत्व में प्रदूषण विभाग ने कई स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान प्रदूषण विभाग ने 11 लोगों को नोटिस थमा कर पांच दिनों के भीतर जवाब देने को कहा। सूत्रों की मानें तो अवैध तरीके से साफ्ट कुक बनाने वाले बड़े लोगों तक अभी भी प्रशासन की निगाह नहीं पहुंच पाई है।
कोयला मंडी चंदासी में कच्चा कोयला जलाकर पोड़ा बनाये जाने का कार्य धड़ल्ले से हो रहा है। नियम है कि पोड़ा बनाने के लिए ऊंची चिमनियां बनवाकर उसमें यह कार्य होना चाहिए। जबकि होता यह आया है कि कई लोग प्रदूषण विभाग की नियमावली के अनुसार ऊंची चिमनियां तो बनवा ली है लेकिन कोयला जमीन पर ही फूंका जा रही है। कोयला जलाए जाने के दौरान उठने वाले काले धुएं से जहां आसपास की आबादी प्रभावित हो रही है। स्थिति यह हो गई है की पोड़ा बनाए जाने के दौरान होने वाले प्रदूषण से लोगों के घरों की दीवारों पर कोयले के कण की मोटी-मोटी परत तक जमा हो गई है।
लोगों का कहना है कभी कभार गलती से खिड़की बंद करना भूल जाए तो कमरों तक में कालिख जमा हो जाती है। वहीं फसलों को भी काफी नुकसान पहुंच रहा है जिससे आसपास के क्षेत्र में पैदावार भी घट गई है। अब तक प्रशासन की अनदेखी के चलते कई लोग अवैध तरीके से भी साफ्ट कुक बनाये जाने के कार्य में उतर गये है। इसका कारण है यह भी की काले सोने के इस कारोबार में मुनाफा काफी अधिक है। ऐसे में मुनाफे का थोड़ा हिस्सा प्रशासन को देकर कार्य को आराम किया जा रहा है। लेकिन रविवार को जब प्रदूषण विभाग की तंद्रा टूूटी तो आनन फानन में एसडीएम मुगलसराय के नेत़ृत्व में चंदासी क्षेत्र में छापेमारी की तो उनकी आंखें फटी रह गई। नाक के नीचे गलत तरीके से साफ्ट कुक बनाए जाने के मामले में विभाग ने ग्यारह लोगों को नोटिस थमाया गया। हालांकि टीम अभी भी उन ही स्थानों तक पहुंच पायी है जिनके नाम प्रदूषण बोर्ड के रजिस्टर में दर्ज है।