मानसून आने को है। एक ओर सभी लोग जर्जर मकानों की मरम्मत और बचाव को लेकर परेशान हैं तो नगर पालिका परिषद मुगलसराय और नगर पंचायत चंदौली, चकिया और सैयदराजा के पास अभी तक इसकी कोई सूची नहीं है। सूत्रों की मानें तो इन चारों स्थानों पर कुल मिलाकर छह से सात दशक के बीच के साढ़े चार सौ से ज्यादा मकान जर्जर हैं जिनके बारिश होने पर गिरने की आशंका बनी हुई है, लेकिन नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद का दावा है कि जर्जर आवास नगर में नहीं रह गए हैं।
बीते पखवारे आए आंधी तूफान से जनपद में जर्जर मकानों व छप्परों के गिरने का सिलसिला जारी है। अभी तक जनपद में आयी आंधी से कई मकान ढह गये जिसके मलबे में दबकर आधा दर्जन लोग घायल हो चुके हैं। मुगलसराय नगर पालिका क्षेत्र में रस्तोगी गली में स्थित दो आवासों समेत दस जर्जर मकान मौजूद हैं लेकिन नगर पालिका का दावा है कि पालिका क्षेत्र में एक भी जर्जर मकान नहीं है। सूत्रों की मानें तो पालिका ने अभी तक इसकी सूची भी तैयार नहीं करायी है। नगर पंचायत चंदौँली में पिछले वर्ष की सूची के अनुसार लगभग चार सौ मकान जर्जर स्थिति में हैं जो कभी भी खतरा बन सकते हैं। कुछ लोग गरीबी के चलते मकानों में रह रहे हैं तो बहुतेरे लोग घर खाली कर चुके हैं या फिर कर रहे हैं। सर्वाधिक जर्जर आवास वार्ड नंबर एक अंबेडकर नगर और वार्ड नंबर दो शास्त्री नगर में हैं जहां इनकी संख्या प्रत्येक वार्ड में सौ के करीब है। अन्य वार्डों में 20 से 25 भवन जर्जर हैं। चकिया नगर पंचायत में 40 और सैयदराजा में दो दर्जन से अधिक मकान जर्जर अवस्था में है। आने में वाली बरसात में गिरने की आशंका बनी हुई है।