पीडीडीयू नगर। प्रदेश सरकार ने मानकों के विपरीत चल रहे बूचड़खानों को बंद कर दिया है। वहीं वहां मवेशियों को काटने दिए जाने वाले लाइसेंस नियमों में सख्ती भी कर दी गई है। इसके चलते नगर सहित जिले में पशुओं के काटने के लिए न तो किसी के पास लाइसेंस हैं और न ही कोई बूचड़खाना। इसके बाद भी नगर सहित आसपास के इलाकों में अवैध तरीके से पशुओं को काटा जा रहा है। चार दिन पहले मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के कसाब महाल स्थित गली में भैंस काटने के आरोप में तीन लोग पकड़े जा गये थे।
जिले में नगर पालिका पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में एक बूचड़खाना संचालित होता था। प्रदेश सरकार के आदेश के बाद उसे बंद कर दिया गया। जबकि जिले में अन्य कहीं भी बूचड़खाना नहीं है। भैंस का मांस बेचने के कारोबार से जुड़े लोग गुपचुप तरीके से पुलिस की नाक के नीचे इस कार्य में लिप्त हैं। इसमें पड़ाव, दुलहीपुर, कसाब महाल सहित कई स्थान है। यहां इसका काफी बड़ा कारोबार हो रहा है। मगर स्थानीय पुलिस की उदासीनता से सब कुछ चल रहा है और पुलिस अनजान बनी हुई है। इन क्षेत्रों में जिले के विभिन्न स्थानों से पड़वा की सप्लाई होती है। सूत्रों के अनुसार पुलिस की मिलीभगत से जिलेभर के विभिन्न गांवों से पड़वा आसानी से इन क्षेत्रों में पहुंच जाता है। स्थानीय पुलिस कभी-कभी कार्रवाई करती है इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। इससे क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है।
अवैध तरीके से भैंस काटने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित कर दिया गया है। यदि किसी की संलिप्तता सामन आई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हेमंत कुटियाल, पुलिस अधीक्षक, चंदौली