।जिले में पिछले 30 दिनों से गेहूं खरीद के लिए 87 क्रय केंद्र खोले गए हैं, लेकिन अभी तक गेहूं की खरीद नहीं हो सकी है। फसल पिछड़ने की वजह से क्रय केंद्र सूनसान पड़े हैं। फसल तैयार हो गई है। इसके बाद भी किसान क्रय केंद्र पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
जिले में एक लाख दस हजार से अधिक हेक्टेयर में गेहूं की बोआई की गई है। किसानों के गेहूं की खरीद के लिए जिला विपणन विभाग की ओर से 87 गेहूं क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसमें मार्केटिंग के 23 पीएससी के 15, पीसीएफ के 13,यूपीएस के 10,नैफेड के 16 एनसीसीएस के चार और भारतीय खाद्य निगम के 6 शामिल हैं। किसान इन केंद्रों पर पहुंचकर भी अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। जहां निशुल्क रजिस्ट्रेशन होगा अब तक विभागीय अधिकारियों की मानें तो 3500 किसालों ने अपना पंजीयन कर लिया है। किसान अपना गेहूं बेचने के लिए जहां धान बेच हैं उन केंद्रों पर ही पहुंचकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। यहीं नहीं सहज जन सेवा केंद्र पर भी पहुंचकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। पिछले वर्ष 2125 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी हुई थी, लेकिन इस बार बढ़कर 2275 रुपये प्रति क्विंटल खरीद होगी।