बगैर लाइसेंस और सुरक्षा मानकों के ही एक दर्जन से अधिक स्थानों पर पटाखे बिक रहे हैं। वाराणसी में घनी आबादी के बीच दो मंजिला मकान में मंगलवार की रात जोरदार धमाके में कई लोगों की मौत के बाद भी जिला प्रशासन अभी भी उदासीन है।
जिले में मात्र एक व्यक्ति के पास पटाखा बनाने के लिए लाइसेंस मिला हुआ है। जबकि कसाब महाल में पटाखा बनाने के साथ बड़े पैमाने पर यहां खरीद फरोख्त होती है। इसके अलावा दीपावली पर इस वर्ष बीस पटाखों की दूकानों के लिए लाइसेंस जारी किए गए हैं। इसमें से 12 से 15 दूकानें तो सिर्फ मुगलसराय के सुभाष पार्क में लगेगी। अग्निशमन विभाग के अनुसार यहां सुरक्षा के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी रहेगी। वहीं दूकानदारों को फायर एक्सक्युटिंग रखने का निर्देश दिया गया है।
लेकिन नगर के अन्य इलाकों में बगैर लाइसेंस के एक दर्जन से अधिक दूकानें खुली हैं। यह अलग बात है कि जिले में अब तक विस्फोट जैसी कोई घटना नहीं हुई है। इस संबंध में अग्निशमन अधिकारी सुभाष सिंह कहते हैं कि आग से बचाव की पूरी तैयारी है। धानापुर संवाददाता के अनुसार कस्बा में अवैध तरीके से बेचे जा रहे हैं। धानापुर में भी जगह जगह अवैध पटाखों की दूकानें लगी हैं। जबकि कस्बा में मात्र दो लाइसेंस धारी विक्रेता हैं। इस बाबत थानाध्यक्ष सुरेश यादव ने बताया कि जो बगैर लाइसेंस के पटाका बेच रहे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।