राजधानी दिल्ली में डेंगू से हुई मौतों के बाद भी जनपद में स्वास्थ्य महकमा
अभी नहीं जगा है।
जिला अस्पताल में अब तक डेंगू की जांच किट आदि की कोई
व्यवस्था नहीं की गई है। सिर्फ इसके लिए जिला अस्पताल में वार्ड बना दिया
गया है। उधर रविवार की रात बरहनी ब्लाक के मुड्डा ग्राम में डेंगू का एक
संदिग्ध मरीज मिला। घरवालों द्वारा उसे जिला अस्पताल लाया गया, तो
चिकित्सकों ने उसे वाराणसी भेज दिया।
जबकि प्रदेश सरकार ने इससे निपटने के
लिए सभी जिला चिकित्सालयों में व्यवस्थाएं करने के साथ-साथ सतर्कता बरने का
भी आदेश दिया हुआ है।
जनपद में स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू से निपटने के
लिए पंडित कमलापति त्रिपाठी राजकीय चिकित्सालय में डेंगू वार्ड बना दिया
है।
लेकिन डेंगू के लक्षण पाये जाने पर प्लेटलेट्स की कमी रोकने और जांच की
कोई व्यवस्था अभी तक नहीं की गई है। जिससे मरीजों का बेहतर उपचार किया जा
सके।
मरीज में डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर उसे वाराणसी ही जाना पडेगा।
दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिले में अब तक डेंगू का लक्षण
किसी मरीज में नहीं मिला है।
लेकिन बरहनी ब्लाक के मुड्डा गांव में उदय पाल
(20) को बुखार से पीड़ित होने पर घरवालों ने जिला अस्पताल में रविवार को
भर्ती कराया। उसकी स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने वाराणसी रेफर कर
दिया।
उधर जिला अस्पताल के डा. संजय कुमार का कहना है कि डेंगू से
बचाव के लिए घर के आसपास आंगन व छत पर पानी न जमा होने दें।
पुराने
बर्तनों व कूलरों में जमा हुए पानी को साफ कर देना चाहिए। यदि घर में
किसी को बुखार है तो उसे मच्छरदानी में ही सुलायें। बुखार के रोगी का बिना
जांच के इलाज न करायें।
रोगी को खाली पेट दवा कत्तई नहीं देना चाहिए।
शरीर को पूरी तरह से ढक कर रखना चाहिए। अगर आसपास पानी जमा हो तो उसमें मिट्टी तल का छिड़काव करें।