गंगातट स्थित परम पूज्य अघोरेश्वर महाविभूति स्थल के प्रांगण में अघोरेश्वर
भगवान राम की जननी ‘मां महा मैत्रायणी योगिनी जी’ का 24 वां निर्वाण दिवस
श्रद्धा एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया गया।
इस मौके पर देश के विभिन्न भागों से हजारों श्रद्धालु शामिल रहे।
इस
मौके पर सुबह 6 बजे से स्वयंसेवकों द्वारा श्रमदान कर साफ-सफाई की गई।
इसके बाद पूज्यपाद बाबा गुरुपद संभव राम जी द्वारा परमपूज्य अघोरेश्वर
महाप्रभु की समाधि, मां महा मैत्रायणी योगिनी जी की समाधि एवं महारानी
लक्ष्मी कुमारी की समाधि का पूजन किया गया।
पृथ्वीपाल द्वारा सफलयोनि का
पाठ के पश्चात मां महा मैत्रायणी योगिनी की समाधि के समीप स्थित हवन कुंड
पर पूज्य बाबा द्वारा हवन किया गया। श्रद्धालुओं एवं भक्तों ने समाधियों का
दर्शन-पूजन किया। लगभग 11.30 बजे विचार गोष्ठी हुई।
का आयोजन हुआ।
पूज्य बाबा ने अपने आशीवर्चन में मां महा मैत्रायणी योगिनी के जीवन से
प्रेरणा लेने पर बल दिया। माताजी दीन-दु:खी एवं उपेक्षित लोगों का उचित
मार्गदर्शन करती थीं।
आपने आश्रम विद्यालय के छोटे बच्चों द्वारा वर्तमान
समाज में व्याप्त कुरीतियों पर प्रस्तुत गीत एवं भजन से मानव जाति को
प्रेरित होने के लिये इंगित किया। आज स्कूल कॉलेजों में केवल व्यवसायिक
शिक्षा ही दी जा रही है तथा संस्कार संबंधि शिक्षा या ज्ञान विलुप्त हो गया
है। इसलिये हम सभी को चाहिए कि बच्चों को घर-परिवार में संस्कार अवश्य
बताए। बाहरी वातावरण के हानिकारक प्रभावों से भी बच्चों को वंचित रखने का
प्रयास करें।
अपने आचरण और व्यवहार से ही हम अपने घर-गृह को स्वर्ग या नर्क
में परिवर्तित कर सकते हैं। इस अवसर पर कुमारी अवधूत भगवान राम नर्सरी
विद्यालय की छात्रा कुमारी सृष्टि एवं कुमारी अर्पिता द्वारा मंगलाचरण
प्रस्तुत किया गया।
अन्य छात्राओं ने जहां गुरु स्तुति सुनाया वहीं
बेटा-बेटी में हो रहे भेदभाव एवं दहेज प्रथा पर बहुत ही मार्मिक गीत
प्रस्तुत किया। इस मौके पर अनूपा सिन्हा, कुमारी मीनाक्षी, ममता सिंह, रेखा
यादव एवं डॉ. बीना सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए। गोष्ठी का संचालन
श्रीमती नीतू सिंह ने और धन्यवाद ज्ञापन सुष्मिता ने की।