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न एक्सरे मशीन न अल्ट्रासाउंड, बाहर जांच करा रहे मरीज

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पीडीडीयू नगर। राजकीय महिला चिकित्सायल में सुविधाओं का अभाव है। इसे जिले का महिला अस्पताल भी बनाया गया है। लेकिन सुविधाओं और संसाधनों के नाम पर कुछ भी नहीं है। न तो एक्सरे मशीन है और न ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा। महिला चिकित्सकों के साथ पैरामेडिकल स्टाफ की भी कमी है। इससे यहां इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों को जांच के लिए बाहर भटकना पड़ता है और निजी जांच घरों में 300 से एक हजार रुपये तक अधिक खर्च करने पड़ते हैं।
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राजकीय महिला चिकित्सालय में 2004 में अल्ट्रासाउंड मशीन आई थी, तब मरीजों को काफी राहत थी मगर इसके बाद मशीन वर्षों से खराब है और कबाड़ हो गई है। वहीं एक्सरे की भी यहां सुविधा नहीं है। इससे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। जबकि पीडीडीयू नगर सहित आसपास के इलाके के रोजाना डेढ़ से दो सौ मरीज इलाज के लिए आते हैं। यह जरूर है कि पीएम मातृत्व सुरक्षा अभियान के तहत एक निजी जांच घर से अस्पताल का टाईअप है। लेकिन यह सुविधा महीने में सिर्फ नौ तारीख को मिलती है। एक दिन की व्यवस्था में मरीजों की इतनी संख्या बढ़ जाती है कि कई मरीजों को महीनों तक इंतजार करना पड़ता है। यह सुविधा भी सिर्फ गर्भवती महिलाओं के लिए है। ऐसे में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जरूरी होने पर यह महिलाएं बाहर से अधिक रुपये देकर जांच कराती है। यहां तीन महिला चिकित्सकों की तैनाती होनी चाहिए। वहीं 20 से अधिक पैरामेडिकल स्टाफ होने चाहिए। मगर एक ही महिला चिकित्सक हैं। वहीं तीन पुरुष चिकित्सक हैं। जबकि यहां प्रसव भी कराया जाता है। एक महिला चिकित्सक और तैनात है लेकिन वह छुट्टी पर चल रही है। इससे महिला और अन्य मरीजों को दिक्कत हो रही है।
आलमपुर निवासी धनंजय अपनी पत्नी का इलाज कराने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि एक्सरे कराना था लेकिन यहां सुविधा ही नहीं है। अब बाहर कराना पड़ेगा।
चतुर्भुजपुर निवासी संजय प्रजापति पत्नी को टीका लगवाने आए थे। पहले तो डाक्टरों ने मना कर दिया बाद में किसी तरह टीका लगवाया।
मवई खुर्द के रामसेवक यादव और कूढ़े खुर्द निवासी थामस डेविड भी अस्पताल में इलाज के लिए गए थे। डाक्टर को दिखाने के बाद दवा अस्पताल में नहीं मिली। बाद में बाहर से महंगे दामों पर खरीदना पड़ा।
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पीडीडीयू नगर। महिला अस्पताल को फर्स्ट रेफर यूनिट (एफआरयू) बनाया गया है। ताकि पीएचसी और सीएचसी से रेफर मरीजों को देखने के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया जा सके। इसके लिए यहां 24 घंटे चिकित्सकों की तैनाती का नियम है मगर एक ही चिकित्सक होने के कारण यह सुविधा भी रेफर मरीजों को नहीं मिल पाती है। इससे मरीज गंभीर होने पर जान पर खतरा बना रहता है।
अस्पताल में महिला चिकित्सकों की कमी को दूर करने और संसाधनों को बढ़ाने के लिए उच्चाधिकभारियों को अवगत कराया जा चुका है। कई बार पत्र लिखकर चिकित्सक बढ़ाने और उपकरणों का लगाने की मांग की गई है। डॉ. आकिफ, प्रभारी चिकित्साधिकारी, राजकीय महिला चिकित्सालय, पीडीडीयू नगर
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