चंदौली। गंगा नदी का जलस्तर सामान्य मानक 60 मीटर से कम होने के कारण नरायनपुर और भूपौली पंप कैनाल नहीं चल पा रहे हैं। इन दोनों पंप कैनाल से जिले के 80 फीसदी खेतों की सिंचाई होती है। पंप कैनाल नहीं चलने से दो लाख से ज्यादा किसानों को नर्सरी डालने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गंगा का जलस्तर शनिवार को 59.85 मीटर पर था। हालांकि इसमें बढ़ोत्तरी हो रही थी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दो से तीन दिन के अंदर जलस्तर मानक के अनुरूप हो जाएगा। इसके बाद पंप कैनाल चला दिए जाएंगे।
सिंचाई विभाग (मूसाखाड़) के अधिशासी अभियंता आदेश मिश्रा ने बताया कि केंद्रीय जल आयोग के निर्देशों के अनुसार, नरायनपुर पंप कैनाल का संचालन तभी संभव है, जब गंगा का जलस्तर 60 मीटर से अधिक हो, लेकिन अभी गंगा का जलस्तर 59.85 मीटर पर है। वहीं भूपौली पंप कैनाल के लिए यह मानक 57 मीटर से ज्यादा निर्धारित है। वर्तमान में इन दोनों पंप कैनाल पर जलस्तर मानक के अनुरूप नहीं है। इसके चलते कैनाल में पानी छोड़ पाना तकनीकी रूप से संभव नहीं है। अधिशासी अभियंता ने किसानों से अनुरोध किया कि स्थिति की गंभीरता को समझें और संयम बनाए रखें। जैसे ही गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी और निर्धारित मानक तक पहुंचेगा, दोनों पंप कैनाल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इससे सिंचाई कार्य सुचारु रूप से हो सकेगा। इसके लिए प्रशासन और सिंचाई विभाग दोनों निगरानी कर रहे हैं। पंप कैनाल चालू करने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।