नियामताबाद। 'हम जिंदा हैं साहब। हमें राशन दिलवाइए।' तीन जून को समाधान दिवस पर नियमताबाद ब्लॉक के नरैना गांव के दस से ज्यादा निवासियों ने यह गुहार लगाई तो अफसर चौंक गए। मामले की जांच एडीओ पंचायत को सौंपी गई है।
नरैना गांव निवासियों ने बताया कि प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी ने गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों का कोटा खाली करके दूसरों का राशन कार्ड बनाने के लिए 12 लोगों को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने 21 फरवरी को जिला पूर्ति अधिकारी से उनकी जगह दूसरे लोगों के राशन कार्ड बनाने की अनुमति मांगी। सुदामी देवी, रामजी,पांचू, मुराहु, बेचन, इम्तियाज ,शमशेर, रोहित,सोमारू,भरत, शहनवाज, रेंगयी बिंद को मालूम ही नहीं था कि उनको मृत दिखाकर राशन कार्ड से नाम कटवा दिया गया है।
लोग राशन लेने गए तो कोटेदार ने कहा कि उनका नाम राशन कार्ड से कट गया है। पता चला कि उनको मृत घोषित करके नाम कटवा दिया गया है। रेंगयी (60) के पुत्र किशन बिंद ने कहा कि हम डीएम से मांग करते हैं कि वह इसकी जांचकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करें और हम गरीबों को न्याय दिलाएं। सोमारू बिंद ने कहा कि धोखा देने वाले को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और हमारा राशनकार्ड बहाल होना चाहिए।
पीडीडीयू नगर के एसडीएम अविनाश कुमार ने बताया कि नियामताबाद के खंड विकास अधिकारी से जांच कराने को कहा गया है। इस मामले में दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नरैना गांव के प्रधान ने सचिव को धोखे में रखकर हस्ताक्षर करा लिया है। एडीओ पंचायत को जांच करने और सभी लोगों से मिलकर बयान दर्ज करने के लिए कहा गया है। जांच में दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -राहुल सागर, खंड विकास अधिकारी, नियामताबाद