चंदौली। जिले की चंदौली और चकिया नगर पंचायत में एक साल पहले कचरे के निस्तारण के लिए 50-50 लाख से दो एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बनाए गए थे। दोनों केंद्रों पर 17-17 लाख की अत्याधुनिक मशीनें भी लगाई गईं थीं लेकिन अब तक कचरे से खाद बनाने का काम शुरू नहीं हुआ। दोनों नगर पंचायतों में खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है। बदबू और गंदगी की वजह से लोग बीमार हो रहे हैं।
चंदौली नगर पंचायत के 15 वार्डों में करीब 35 हजार की आबादी रहती है। नगर से रोज करीब चार टन कचरा निकलता है। कूड़ा निस्तारण के लिए कांशीराम आवास के पाकेट संख्या-2 के पास छह टन की क्षमता का एमआरएफ सेंटर एक साल पहले बनाया गया था। यहां मशीन से कूड़े को रिसाइकिल करने के बाद जैविक खाद तैयार की जाएगी, जिसका उपयोग आर्गेनिक खेती के लिए किया जाएगा। इससे कचरे की समस्या का समाधान होने के साथ नगर पंचायत के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। एक साल बीतने के बाद भी एमआरएफ सेंटर से खाद बनाने का काम शुरू नहीं हो सका। वहीं, नगर में निकलने वाले कचरे को कांशीराम आवास के पास खुले में फेंका जा रहा है। इससे आसपास रहने वालों के साथ राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, चकिया नगर पंचायत के 12 वार्डों में 25 हजार की आबादी रहती है। यहां से रोज करीब आठ मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। कचरे के निस्तारण के लिए कौड़िहार गांव में सात टन क्षमता का एमआरएफ सेंटर बनाया गया था लेकिन यहां भी खाद बनाने की प्रक्रिया नहीं शुरू हो पाई है। एमआरएफ सेंटर के पास ही खुले में कचरा फेंका जा रहा है।