नवरात्र के दूसरे दिन भक्तों ने मां के तीसरे स्वरूप चंद्रघटा की पूजा अर्चना की। देेवी मंदिरों पर भक्तों ने दर्शन पूजन कर अभिष्ट की कामना की। इस दौरान देवी मंदिर पर दिन भर घंट घड़ियाल की गूंज होती रही और मां के जयकारे लगते रहे।
शक्ति उपासकों के महापर्व वासंतिक नवरात्र में द्वितीय तिथि का लोप होने की वजह से पहले दिन ही मां के शैल पुत्री और ब्रह्मचारिणी दोनों स्वरूपों की पूजा अर्चना हुई। दूसरे दिन मां के तीसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी की अराधना की गई।
सुबह से ही नगर के रविनगर, कैलाशपुरी, जीटी रोड स्टेशन गेट के समीप प्राचीन काली मंदिर, नई बस्ती, शाहकुटी, न्यू महाल, लाठ नंबर दो, काली महाल, एलबीएस कटरा स्थित संकट हरण दरबार, गल्ला मंडी स्थित देवी मंदिर, चतुर्भुजपुर, गया कालोनी, आरपीएफ कालोनी, सेंट्रल कालोनी सहित अन्य इलाकों के देवी मंदिरों पर सुबह से ही भक्तों की कतार लगी रही।
चकिया संवाददाता के अनुसार वासंतिक नवरात्र के दूसरे दिन भी देवी मंदिरो पर देवी भक्त नर-नारियो का सैलाब उमड़ा रहा। इस दौरान भक्तो ने देवी की पूजा-अर्चना की तथा उनसे धन-धान्य, पुत्र एवं सफलता का आशीर्वाद मांगा। नगर स्थित मां काली मंदिर, पूर्वी बाजार स्थित मां दुर्गा मंदिर, चौक झंडा के पास स्थित मां झण्डा माई मंदिर, मालीटोला में स्थित मां शीतला मंदिर, मां काली नगर में स्थित दुर्गा मंदिर के अतिरिक्त जागेश्वरनाथ धाम में स्थित दुर्गा मंदिर, वन देवी मंदिर, दुलहिया दायी मंदिर में देवी भक्तो का सैलाब उमड़ा रहा।भक्तों की भीड़ के कारण चकिया काली मंदिर परिसर में मेले जैसा दृश्य रहा।