पीडीडीयू नगर। कोरोना का प्रभाव कम होते ही ट्रेनों को लगातार पटरी पर उतारा जा रहा है। वर्तमान में पीडीडीयू जंक्शन से होकर गुजरबे 90 फीसदी ट्रेनें पटरी पर लौट आई है। पूर्व मध्य रेलवे से होकर गुजरने वाली भी अधिकतर ट्रेनें पटरी पर लौट आई है। कोरोना के पहले 307 जोड़ी एक्सप्रेस और 190 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का संचालन होता था। वर्तमान में 279 जोड़ी एक्सप्रेस जबकि 74 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें चलने लगी है। इससे यात्रियों को राहत मिली है।
कोरोना की पहली लहर में 25 मार्च से लॉकडाउन हुआ तो सभी यात्री ट्रेनों को रोक दिया गया था। बाद में जून माह से कुछ ट्रेनों को स्पेशल के रूप में चलाया गया। धीरे धीरे ट्रेनों की संख्या बढ़ाई गई। इस वर्ष अप्रैल माह में कोरोना की दूसरी लहर में भी एक माह तक बड़े शहरों में लॉकडाउन लगा दिया गया। इस बार ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह तो नहीं रोका गया लेकिन चुनिंदा ट्रेनों को छोड़कर अधिकतर ट्रेनों को रोक दिया गया। अब कोरोना का प्रभाव कम होने पर धीरे धीरे ट्रेनों को पटरियों पर उतारा जा रहा है। पूर्व मध्य रेलवे के पं. दीनदयाल उपाध्याय मंडल, दानापुर, धनबाद, सोनपुर और समस्तीपुर मंडल से होकर चलने वाली नब्बे प्रतिशत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू करा दिया गया है। पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। कोरोना के पहले विभिन्न स्टेशनों से 307 मेल एक्सप्रेस और 190 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का संचालन किया जा रहा था। वर्तमान में पूर्व मध्य रेल के विभिन्न स्टेशनों के लिए 279 जोड़ी मेल/एक्सप्रेस और 74 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। इस तरह नब्बे प्रतिशत ट्रेनें पटरी पर लौट आई हैं। यात्रियों की मांग और कोरोना का प्रभाव कम होता देख बचे हुए ट्रेनों को चलाने के लिए रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा गया है।
पीडीडीयू नगर। कोरोना का प्रभाव भले कम हुआ है लेकिन रेलवे ट्रेनों के परिचालन में सुरक्षा उपायों में ढील नहीं दे रहा है। यही कारण है कि वर्तमान में चलाई जा रही स्पेशल ट्रेनों में जनरल टिकट पर यात्रा की अनुमति नहीं दी गई है। प्रतिक्षारत टिकट पर भी यात्रा नहीं करने दिया जा रहा है। सामान्य बोगी को भी आरक्षित कर दिया गया है।
पीडीडीयू नगर। कोरोना का प्रभाव कम हो रहा है। ट्रेनों की संख्या भी बढ़ी है लेकिन सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो रही है। ट्रेनों को स्पेशल के नाम से चलाया जा रहा है। स्पेशल ट्रेनों में जनरल कोच न होने से यात्रियों को दिक्कत हो रही है। वहीं किराया भी मनमाना लग रहा है। स्थिति सामान्य कब होगी, इस बारे में अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।