नगर में सिक्स लेन और फोरलेन सड़क निर्माण के बाद बिजली के खंभे लगाने की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। एक ही बाजार में और एक ही सड़क पर खंभे लगाने के लिए दो तरह की व्यवस्था अपनाई गई है। इससे पीडब्ल्यूडी की मंशा और सुरक्षा मानक पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि चुनिंदा दुकानों को बचाने के लिए ऐसा किया गया है।
गुरुद्वारा से सब्जी मंडी तक नाले के पीछे खंभे लगाए गए हैं, जबकि एलबीएस इंटर कॉलेज से पीडीडीयू नगर रेलवे स्टेशन के गेट तक 50 से ज्यादा पोल नाले के बाहर यानी सड़क की तरफ गाड़ दिए गए हैं। इससे सड़क संकरी होने के साथ दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। सवाल यह है कि जब खंभे लगाने में दो तरह की व्यवस्था क्यों अपनाई जा रही है। क्या इसके पीछे दुकानों और भवनों को बचाने की कोई तरकीब है या फिर पोल लगाने की योजना में गड़बड़ी।
पड़ाव से गोधना तक करीब 15 किलोमीटर सड़क का 320 करोड़ रुपये से निर्माण कराया जा रहा है। वर्ष 2022 में शुरू हुई इस परियोजना से पड़ाव से पीडीडीयू नगर तक सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। नगर में सड़क निर्माण के बाद बिजली के पोल लगाने की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। बाजार में कहीं नाले के अंदर की तरफ तो कहीं नाले के बाहर सड़क की तरफ पोल खड़े कर दिए गए।